लेखपाल भर्ती परीक्षा का बहिष्कार
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जौनपुर में लेखपाल भर्ती परीक्षा आज घोर अनियमितता के बीच संपन्न हुई | कई परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया की जिला प्रशासन की मिली भगत से परीक्षा केन्द्रों पर पहले से ही प्रशन पात्र खुले रखे थे और उन्हें 15 से 20 मिनट बाद देर से दिया गया | इसके चलते ही छात्रो ने परीक्षा का बहिस्कार भी किया | वही जिला प्रशासन ने भी मिडिया से मुह छिपाती भागती नजर आई और मिडिया को ही नसीहत देते हुए कहने लगे की आपकी कोई जिम्मेदारी नही है |
शासन के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जिलो में लेखपाल भर्ती प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा कराई गई जिसमे जिला प्रशासन की घोर लापरवाही खुलकर सामने नजर आई | मछलीशहर और मडियाहू के परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों ने हंगामा करते हुए परीक्षा देने से ही इंकार कर दिया | मडियाहू के जगत नारायण इंटर कालेज पर परीक्षार्थियों का हंगामा देखते हुए प्रशासन को भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा | परीक्षार्थियों कहना था की परीक्षा 11 बजे शुरू होनी थी लेकिन उनको प्रशन पत्र 15 से 20 मिनट बाद दिया गया और वो भी उस पैकेट से जो खुला हुआ रखा था | इससे ये स्पष्ट होता है की नकल माफिया पहले से ही जिला प्रशासन की देख रेख में प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलकर हल कराने में लगे थे | जिससे परीक्षार्थियों में काफी रोष था |
इस बारे में जब जिला प्रशासन के आलाधिकारियो से पूछा गया तो वे कैमरे से मुह छिपाते भागते नजर आये और उलटे मिडिया वालो को ही नसीहत देने लगे की आप लोगो की कोई जिम्मेदारी नही है यही नही जिला प्रशासन के लोगो ने परीक्षार्थियों से बात करने पर भी मिडिया पर पाबन्दी लगा रखी थी |
जिस तरह से जिला प्रशासन के आलाधिकारी अपनी नाकामी को छुपाने में जुटे नजर आये उससे तो ये साफ लगता है की कही न कही उनकी मिली भगत हो सकती है फ़िलहाल परीक्षार्थियों ने हंगामा कर ये बात साफ कर दिया है की दाल में जरुर कुछ काला है और इसकी निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत है वही जिला प्रशासन को भी ये समझना चाहिए की मिडिया सिर्फ उन्ही मुद्दों को उठती है जिस पर सवाल उठते है ऐसे में मुह छुपा कर भागने से जादा उसका जवाब देना अधिकारियो का कर्तव्य होता है अन्यथा उनके कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह तो लगेगा ही |
