ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर गरीबों को बांटे कम्बल व अनाज
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_107.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। ग्राम ढकौली के मदरसा अहले सुन्नत वारसिया रज़विया से ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर युवाओं ने एक जुट होकर गाँव में घूमकर लोगों को पैगम्बर मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम के बारे में तफसील से बताया, और मौलाना शाजेब अली ने तकरीर कर लोगों को बताया कि हमारे पैगम्बर-ए-आजम तमाम जहाँ के लिए रहमत बन कर तशरीफ लाए और अपनी जिन्दगी गरीबों की मदद में खर्च की। और हमेशा गरीबों का साथ देते रहे। तो हम लोगों को भी चाहिए कि हम गरीबों बेसहारा लोगों की बढ़-चढ़ कर मदद करेें और हाफिज जमील साहब ने लोगों एक अच्छा पैगाम पैगम्बर-ए-आजम के तअल्लुक से दिया। मदरसा अहले सुन्नत रज़विया के बैनर तले आज गाँव में कुछ गरीबों को कम्बल, अनाज, व फल देकर वहाँ से जिला चिकित्सालय पहुँच कर मरीजों को फल वितरण किये। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम ढकौली के सभी नौजवान लोगों ने शिरकत की और बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया।
बाराबंकी। ग्राम ढकौली के मदरसा अहले सुन्नत वारसिया रज़विया से ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर युवाओं ने एक जुट होकर गाँव में घूमकर लोगों को पैगम्बर मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम के बारे में तफसील से बताया, और मौलाना शाजेब अली ने तकरीर कर लोगों को बताया कि हमारे पैगम्बर-ए-आजम तमाम जहाँ के लिए रहमत बन कर तशरीफ लाए और अपनी जिन्दगी गरीबों की मदद में खर्च की। और हमेशा गरीबों का साथ देते रहे। तो हम लोगों को भी चाहिए कि हम गरीबों बेसहारा लोगों की बढ़-चढ़ कर मदद करेें और हाफिज जमील साहब ने लोगों एक अच्छा पैगाम पैगम्बर-ए-आजम के तअल्लुक से दिया। मदरसा अहले सुन्नत रज़विया के बैनर तले आज गाँव में कुछ गरीबों को कम्बल, अनाज, व फल देकर वहाँ से जिला चिकित्सालय पहुँच कर मरीजों को फल वितरण किये। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम ढकौली के सभी नौजवान लोगों ने शिरकत की और बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया।

