जागो इंसान जागो ! आप जागोगे तभी इन मासूमों का पेट भरेगा
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_23.html
जहां एक और अन्न के भंडार भरे रहते है। अन्न पड़ा-पड़ा खराब हो जाता है। वहीं दूसरी और इंसान कचरे में से झूटन खोजकर खाने को मजूबर है।
जहां एक तरफ अमीरों के बच्चों को इतना खाना मिलता है कि उन्हें उस खाने को चुपचाप नजर बचाकर बाहर फेकना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर गरीबी से लाचार इन बच्चों को अपने पेट की आग इस तरह बुझानी पड़ती है।
गरीबों के इस दुख को दर्शाने वाली भूखमरी और कुपोषण की ये कहानी कई देशों की हैं।
लोग अपने अतिरिक्त खाने को यहां वहां फेक देते हैं, लेकिन किसी गरीब को पेट भरने के लिए अन्न का एक दाना नहीं दे सकतें।
जहां एक तरफ अमीरों के बच्चों को इतना खाना मिलता है कि उन्हें उस खाने को चुपचाप नजर बचाकर बाहर फेकना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर गरीबी से लाचार इन बच्चों को अपने पेट की आग इस तरह बुझानी पड़ती है।
गरीबों के इस दुख को दर्शाने वाली भूखमरी और कुपोषण की ये कहानी कई देशों की हैं।
लोग अपने अतिरिक्त खाने को यहां वहां फेक देते हैं, लेकिन किसी गरीब को पेट भरने के लिए अन्न का एक दाना नहीं दे सकतें।
जागो इंसान जागो! आप जागोगे तभी इन मासूमों का पेट भरेगा।





