जिन बहनों को बताया मुर्दा, वे हैं जिंदा, तो फिर ये सिर कटी लाशें किसकी!
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_67.html
सीतापुर । सीतापुर में मिले दो लड़कियों के कटे सिर और लखनऊ में मिले पैर-धड़ के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। बीते शनिवार को गोंडा के एक परिवार ने दोनों शवों की पहचान अपनी लापता बेटियों के रूप में की थी, लेकिन अब दोनों लड़कियां जिंदा हैं। उनका दो युवकों के साथ अफेयर चल रहा था और इलाहाबाद में दोनों बहनों ने शादी कर ली है। गोंडा पुलिस ने दोनों बहनों को जिंदा बरामद कर लिया है। ऐसे में दोनों लड़कियों के शव को पहचान को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। दोनों बहनें 29 नवंबर को घर से 50 हजार रुपए लेकर लापता हुए थी।
डीआईजी डीके चौधरी ने बताया कि गोंडा निवासी मुकेश बीते शनिवार को जब दोनों शवों की पहचान कर रहा था, तभी शक हो रहा था कि यह पहचान सही नहीं कर रहा है। मामले की खुलासे के लिए आठ टीमें लगाई गई हैं। इनमें सीतापुर, गोंडा और लखनऊ की पुलिस टीम लगाई गई हैं। ऑनर किलिंग का भी मामला हो सकता है। इसलिए जांच में कुछ समय लगेगा।
बताते चलें कि बीते दिनों लखनऊ और सीतापुर में दो लड़कियों की टुकड़ों में शव मिलने की सूचना गोंडा के मुकेश और पप्पू को लगी थी। उन्होंने लखनऊ पहुंचकर दोनों शवों की शिनाख्त अपनी बहनों के रूप में की। शनिवार को ही गोंडा में दोनों लड़कियों की गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
बीते साल जालौन में ऐसा ही मामला आया था सामने
बीते साल अक्टूबर में ऐसा ही मामला यूपी के जालौन जिले में सामने आया था। जालौन के उरई में रामनगर निवासी राजेंद्र शुक्ला और हेमलता की दो बेटियां गायब हो गयीं थी। उनके शव नून नदी में मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में वे जिंदा वापस लौट आयी थीं। जो शव मिले थे, वो उरई के ही दो अन्य बहनों के थे।
इससे पहले उरई के रामनगर से घर से गायब हुई बहनों के शव मिलने को लेकर लोगों ने जमकर बवाल किया था। घरवालों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर रोड जाम कर दी थी। साथ ही पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की गयी थी। पुलिस ने 500 लोगों पर दंगा करने के आरोप मामला दर्ज किया। साथ ही दोनों बहनों के पिता राजेंद्र शुक्ला और हेमलता को दंगा भड़काने के आरोप में गिरफतार किया था।
डीआईजी डीके चौधरी ने बताया कि गोंडा निवासी मुकेश बीते शनिवार को जब दोनों शवों की पहचान कर रहा था, तभी शक हो रहा था कि यह पहचान सही नहीं कर रहा है। मामले की खुलासे के लिए आठ टीमें लगाई गई हैं। इनमें सीतापुर, गोंडा और लखनऊ की पुलिस टीम लगाई गई हैं। ऑनर किलिंग का भी मामला हो सकता है। इसलिए जांच में कुछ समय लगेगा।
बताते चलें कि बीते दिनों लखनऊ और सीतापुर में दो लड़कियों की टुकड़ों में शव मिलने की सूचना गोंडा के मुकेश और पप्पू को लगी थी। उन्होंने लखनऊ पहुंचकर दोनों शवों की शिनाख्त अपनी बहनों के रूप में की। शनिवार को ही गोंडा में दोनों लड़कियों की गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
बीते साल जालौन में ऐसा ही मामला आया था सामने
बीते साल अक्टूबर में ऐसा ही मामला यूपी के जालौन जिले में सामने आया था। जालौन के उरई में रामनगर निवासी राजेंद्र शुक्ला और हेमलता की दो बेटियां गायब हो गयीं थी। उनके शव नून नदी में मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में वे जिंदा वापस लौट आयी थीं। जो शव मिले थे, वो उरई के ही दो अन्य बहनों के थे।
इससे पहले उरई के रामनगर से घर से गायब हुई बहनों के शव मिलने को लेकर लोगों ने जमकर बवाल किया था। घरवालों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर रोड जाम कर दी थी। साथ ही पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की गयी थी। पुलिस ने 500 लोगों पर दंगा करने के आरोप मामला दर्ज किया। साथ ही दोनों बहनों के पिता राजेंद्र शुक्ला और हेमलता को दंगा भड़काने के आरोप में गिरफतार किया था।

