पुत्रों के फरार और पत्नी के जेल में होने से बीमार ने तोड़ा दम
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बीते 31 मई को चंदौली पुलिस विभाग से रिटायर्ड हुआ था वृद्ध
किसी तरह दूसरे गांव के लोगों ने किया शव का अंतिम संस्कार
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव में पंचायत चुनाव में दो पक्षों में विवाद होने के बाद पुलिस और जनता के बीच हुये गुरिल्ला युद्ध के बाद पुलिस के फूंके गये 3 वाहन के मामले का असर गांव पर कहर बरपा रहा है। इस वारदात के आरोप में एक महिला जेल की सलाखो के पीछे पहुंच गयी है। इधर उसका बीमार पति दवा व उपचार के अभाव में काल के गाल में समा गया। महिला का पति अवकाशप्राप्त सिपाही था जो बीते 31 मई को चंदौली जिले से सेवानिवृत्त हुआ था। सुबह मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल कायम हो गया लेकिन पुलिसिया खौफ के भय से कोई युवा शव का अंतिम संस्कार करने हेतु सामने नहीं आ रहा है। हालांकि पड़ोसी गांव के एक युवक ने इसकी सूचना एक जनप्रतिनिधि को दिया जिसके बाद किसी तरह एक-एक करके कई लोग हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में गांव की 18 महिला व 2 पुरूष पर कानूनी कार्यवाही करते हुये सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मृतक का बेटा रमेश चौहान ने बताया कि इस आरोप में मेरी मां आशा देवी भी जेल भेजी गयी है। इधर पुलिसिया कार्यवाही के भय से हम दोनों भाई गांव छोड़कर भाग गये हैं। मेरे पिता फौजदार चौहान पुलिस के अवकाशप्राप्त जवान थे जो वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। मां जेल चली गयी तथा हम दोनों भाई गांव छोड़कर भाग गये हैं जिसके कारण घर में अकेला होने के कारण पिता का दवा व उपचार न होने के कारण उनकी मौत हो गयी है। सुबह मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल कायम हो गया है।
किसी तरह दूसरे गांव के लोगों ने किया शव का अंतिम संस्कार
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव में पंचायत चुनाव में दो पक्षों में विवाद होने के बाद पुलिस और जनता के बीच हुये गुरिल्ला युद्ध के बाद पुलिस के फूंके गये 3 वाहन के मामले का असर गांव पर कहर बरपा रहा है। इस वारदात के आरोप में एक महिला जेल की सलाखो के पीछे पहुंच गयी है। इधर उसका बीमार पति दवा व उपचार के अभाव में काल के गाल में समा गया। महिला का पति अवकाशप्राप्त सिपाही था जो बीते 31 मई को चंदौली जिले से सेवानिवृत्त हुआ था। सुबह मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल कायम हो गया लेकिन पुलिसिया खौफ के भय से कोई युवा शव का अंतिम संस्कार करने हेतु सामने नहीं आ रहा है। हालांकि पड़ोसी गांव के एक युवक ने इसकी सूचना एक जनप्रतिनिधि को दिया जिसके बाद किसी तरह एक-एक करके कई लोग हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में गांव की 18 महिला व 2 पुरूष पर कानूनी कार्यवाही करते हुये सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मृतक का बेटा रमेश चौहान ने बताया कि इस आरोप में मेरी मां आशा देवी भी जेल भेजी गयी है। इधर पुलिसिया कार्यवाही के भय से हम दोनों भाई गांव छोड़कर भाग गये हैं। मेरे पिता फौजदार चौहान पुलिस के अवकाशप्राप्त जवान थे जो वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। मां जेल चली गयी तथा हम दोनों भाई गांव छोड़कर भाग गये हैं जिसके कारण घर में अकेला होने के कारण पिता का दवा व उपचार न होने के कारण उनकी मौत हो गयी है। सुबह मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल कायम हो गया है।

