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खाद्य विभाग का लापरवाही से नही मिल रहा पात्रों को अनाज : पुनिया

अजमी रिज़वी 
बाराबंकी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक भूख से लड़ाई के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम हैं, इस विधेयक द्वारा देश के 82 करोड़ आबादी को सस्ती दर पर अनाज मुहैय्या कराये जाने का प्रावधान हैं लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते हजारों पात्र परिवारों को  इस योजना से वंचित रहा है। उक्त अनुरोध राज्यसभा सांसद डॉ पीएल पुनिया ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान आवाम से मिली शिकायतों के बाद जिलाधिकारी को पत्र लिखकर किया। उन्होने कहा है कि जिलाधिकारी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करें कि युद्ध स्तर पर मुहिम चलाकर लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित करायें।
       श्री पुनिया ने कहा कि 2013 में यूपीए की सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को लाकर कानून बनाकर देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी और 50 प्रतिशत शहरी जनसंख्या को सस्ती दरों पर तीन रूपये , दो रूपये , एक रूपये प्रतिकिलो चावल , गेहू और मोटा अनाज पाने का अधिकार दिया गया था , और इस योजना के तहत् गर्भवती महिलाओं , दूध पिलाने वाली माताओं को पोषण सम्बन्धी मापदण्डों के अनरूप पोषक भोजन पाने का अधिकार प्राप्त हैं। सबसे बड़ी बात यह हैं कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश 2013 के तहत सस्ती दरों पर खाद्यान्न मिलने से किसानों को विशेष तौर पर छोटे किसानों की सीमित आमदनी पर बोझ कम होगा और वह अपनी बचाई हुई रकम को अन्य आवश्यकताओं पर खर्च करके अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकेंगे।

श्री पुनिया ने जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में लिखा हैं कि इतनी महत्वपूर्ण योजना जो अब कानून बन गया हैं और सम्पूर्ण देश में लागू होने के साथ मार्च माह में जनपद में सम्भवतः लागू होना हैं कुछ लापरवाह अधिकारियों , कर्मचारियों की मनमानी के चलते कुछ आवाम को इसका लाभ मिलने की संभावना नही नजर रही हैं , जो गंभीर चिंता का विषय हैं। श्री पुनिया ने पत्र में यह भी दर्शाया हैं कि खाद्य विभाग द्वारा जो फीडिंग लाभार्थियों की कम्प्यूटर में की गयी हैं उसमें भारी मात्रा में पता , यूनिट , नाम में अनियमितता बरती गयी हैं , जिससे आवाम परेशान हैं , इसलिये आवाम के हित में इस कमी को दूर किया जाना आवश्यक हैं।

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