आजमगढ़ से मुम्बई जा रही ट्रेन पर अराजक तत्वों ने किया पथराव
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सीट पर बैठने को लेकर बदमाशों ने यात्री को जमकर पीटा
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे जीआरपी व आरपीएफ के जवान
जौनपुर। आजमगढ़ से मुम्बई जा रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस टेªन के यात्री शुक्रवार को उस समय हलकान हो गये जहां शाहगंज से सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद मड़ियाहूं में पहुंचते-पहुंचते विस्फोटक हो गया। लोगों की मानें तो सीट पर बैठने को लेकर दो यात्रियों में कहासुनी हो गयी जो मारपीट में तब्दील हो गयी लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। एक यात्री पक्ष के कई लोग मड़ियाहूं रेलवे स्टेशन पर पहुंच गये जहां दूसरे यात्री की जमकर पिटाई करने के साथ टेªन पर पथराव कर दिये जिससे उस पर सवार कई यात्री घायल हो गये। हद तो तब नजर आयी जब शाहगंज से शुरू हुये विवाद की जानकारी टेªन के गार्ड द्वारा जीआरपी व आरपीएफ दोनों को देने के बावजूद भी शाहगंज के बाद जौनपुर, जफराबाद होते हुये टेªन मड़ियाहूं तक पहुंचने पर भी किसी भी सुरक्षा एजेंसी का कोई जवान नहीं पहुंचा। लगभग 50 किलोमीटर तक चले विवाद से जहां टेªन पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मची रही, वहीं इतने देर तक किसी सिपाही के मौके पर न पहुंचने पर लोग सवालिया निशान उठाने लगे। लोगों का कहना था कि आरपीएफ एवं जीआरपी के जवान तो केवल भोले-भाले यात्रियों को पकड़कर धन ऐंठने में मस्त रहते हैं। उनसे जहरखुरान, बदमाश, अराजक तत्वांे से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उपरोक्त लोगां द्वारा किये जाने वाले कार्यों का अनदेखा करने में इन जवानों की जेब गरम होती है। फिलहाल शाहगंज से शुरू हुआ विवाद मड़ियाहूं तक चला जहां दर्जन भर की संख्या में पहुंचे अराजक तत्वों ने एक यात्री की जमकर पिटाई करने के साथ ही टेªन पर पथराव करके आराम से फरार हो गये लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा। फिलहाल इस वारदात में घायल सहित अन्य यात्रियों द्वारा जीआरपी एवं आरपीएफ के जवानों पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है जिसकी ओर रेलवे विभाग के अलावा सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का ध्यान दिलाया जाना अति आवश्यक है।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे जीआरपी व आरपीएफ के जवान
जौनपुर। आजमगढ़ से मुम्बई जा रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस टेªन के यात्री शुक्रवार को उस समय हलकान हो गये जहां शाहगंज से सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद मड़ियाहूं में पहुंचते-पहुंचते विस्फोटक हो गया। लोगों की मानें तो सीट पर बैठने को लेकर दो यात्रियों में कहासुनी हो गयी जो मारपीट में तब्दील हो गयी लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। एक यात्री पक्ष के कई लोग मड़ियाहूं रेलवे स्टेशन पर पहुंच गये जहां दूसरे यात्री की जमकर पिटाई करने के साथ टेªन पर पथराव कर दिये जिससे उस पर सवार कई यात्री घायल हो गये। हद तो तब नजर आयी जब शाहगंज से शुरू हुये विवाद की जानकारी टेªन के गार्ड द्वारा जीआरपी व आरपीएफ दोनों को देने के बावजूद भी शाहगंज के बाद जौनपुर, जफराबाद होते हुये टेªन मड़ियाहूं तक पहुंचने पर भी किसी भी सुरक्षा एजेंसी का कोई जवान नहीं पहुंचा। लगभग 50 किलोमीटर तक चले विवाद से जहां टेªन पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मची रही, वहीं इतने देर तक किसी सिपाही के मौके पर न पहुंचने पर लोग सवालिया निशान उठाने लगे। लोगों का कहना था कि आरपीएफ एवं जीआरपी के जवान तो केवल भोले-भाले यात्रियों को पकड़कर धन ऐंठने में मस्त रहते हैं। उनसे जहरखुरान, बदमाश, अराजक तत्वांे से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उपरोक्त लोगां द्वारा किये जाने वाले कार्यों का अनदेखा करने में इन जवानों की जेब गरम होती है। फिलहाल शाहगंज से शुरू हुआ विवाद मड़ियाहूं तक चला जहां दर्जन भर की संख्या में पहुंचे अराजक तत्वों ने एक यात्री की जमकर पिटाई करने के साथ ही टेªन पर पथराव करके आराम से फरार हो गये लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा। फिलहाल इस वारदात में घायल सहित अन्य यात्रियों द्वारा जीआरपी एवं आरपीएफ के जवानों पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है जिसकी ओर रेलवे विभाग के अलावा सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का ध्यान दिलाया जाना अति आवश्यक है।

