DM आवास पर पैदा हुई फसल की धनराशि सरकारी खजाने में होगी जमा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अपने आवास में पैदा हुई फसल की सारी कीमत कलेक्ट्रेट की नजारत में जमा कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिलाधिकारी आवास का इतिहास में यह पहला अवसर है जब जिलाधिकारी आवास में पैदा हुई फसल की सारी कीमत सरकारी खजाने में जमा कर दी गयी है। इस बार खरीफ फसल में धान की खेती कलेक्टर आवास पर हुई थी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस फसल को मुझे व्यक्तिगत रूप से उपयोग करने का नैतिक अधिकार नहीं है। लिहाजा इसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया जाये। धान की खेती के एवज में कुल 51 हजार रूपये प्राप्त हुआ था, जिसे जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नजारत में जमा करा दिया।
बाराबंकी। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अपने आवास में पैदा हुई फसल की सारी कीमत कलेक्ट्रेट की नजारत में जमा कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिलाधिकारी आवास का इतिहास में यह पहला अवसर है जब जिलाधिकारी आवास में पैदा हुई फसल की सारी कीमत सरकारी खजाने में जमा कर दी गयी है। इस बार खरीफ फसल में धान की खेती कलेक्टर आवास पर हुई थी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस फसल को मुझे व्यक्तिगत रूप से उपयोग करने का नैतिक अधिकार नहीं है। लिहाजा इसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया जाये। धान की खेती के एवज में कुल 51 हजार रूपये प्राप्त हुआ था, जिसे जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नजारत में जमा करा दिया।

