खुश रहें व दूसरों में खुशियां बांटेः मौलाना सफदर हुसैन
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जौनपुर। जौनपुर अजादारी काउन्सिल द्वारा ईद-ए-जहरा पर हुसैनिया नकी फाटक में धर्मगुरु मौलाना सै. सफदर हुसैन जैदी की अध्यक्षता में महफिल हुई जहां ईद-ए-जहरा के महत्तव पर प्रकाश डाला गया। ज्ञात हो कि यह एक पवित्र व खुशी का त्योहार है। शिया समाज 2 माह 8 दिन गमों के त्योहार के बाद नौ रबीउल अव्वल को ईद-ए-जहरा का त्योहार मनाता है। इस दिन से घरों से काले झण्डे उतार दिये गये तथा लोगों ने काले लिबास उतारकर रंगीन कपड़े पहनना शुरु कर दिया। वहीं महिलाओं ने चूड़ी पहनकर श्रृंगार करना प्रारम्भ किया। श्री जैदी ने कहा कि यह दिन इमाम जमाना (अ.स.) की ताजपोशी का दिन है, इसलिये खुशियां मनायें तथा संकल्प की सदैव दूसरों को खुश रखेंगे व खुशियां बांटेंगे। तमाम अंजुमनों को यह प्रयास करना चाहिये कि ईद-ए-जहरा पर निकाले जाने वाले जुलूस शालीनता से निकालें तथा मकसदे इसलाम व मकसदे ईमाम हुसैन को जन-जन तक पहुंचायें। शिया जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सै. हसन मेंहदी ने कहा कि वैसे तो सभी ईद खुशियां ले के आती हैं लेकिन ईद-ए-जहरा का एक अलग महत्तव है। ईद-ए-जहरा की पवित्रता को समझना चाहिये। यह पवित्र त्योहार जिस दिन हमारे चौथे ईमाम हजरत जैनुल आब्दीन ने खुशी का इजहार किया, उनकी खुशी का सम्मान करते हुये ईद-ए-जहरा मनाया जाता है। अन्त में सै. मो. मुस्तफा ने आये लोगों के प्रति आभार जताया। संयोजक शाहिद हुसैन रहे जहां संचालन असलम नकवी ने किया। इस अवसर पर संस्था के सै. नजमुल हसन नजमी, इसरार हुसैन एडवोकेट, अली मंजर डेजी, तहसीन अब्बास, सै. मो. जमा, कायम आब्दी, दानिश काजमी, मो. मुस्लिम हीरा, समीर, सै. नौशाद अली, हुसैन हैदर, सै. कल्बे अब्बास काजमी, आरिफ के अलावा तमाम लोगों की उपस्थिति रही।

