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पत्रकारिता में भाषा के गम्भीर होना अति आवश्यकः डा. ब्रजेश यदुवंशी


राज कालेज में ‘पत्रकारिता में भाषा का प्रयोग’ विषयक संगोष्ठी आयोजित
    जौनपुर। नगर के राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में ‘पत्रकारिता में भाषा का प्रयोग’ विषय पर मंगलवार को संगोष्ठी का आयोजन हुआ जहां बतौर मुख्य वक्ता डा. ब्रजेश यदुवंशी (एसोसिएट प्रोफेसर भारतीय भाषा संस्थान) ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता भाषा के प्रति गम्भीर नहीं है। भाषा के बिना अभिव्यक्ति अधूरी है। आजादी के समय में पत्रकारिता मिशन के साथ भाषा आन्दोलन भी चलाती थी लेकिन आज ऐसी स्थिति नहीं है। डा. यदुवंशी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विष्णु राव पराड़कर, बाल गंगाधर तिलक इनमें से किसी की मातृभाषा हिन्दी नहीं थी लेकिन बावजूद इसके देश को एक सूत्र में जोड़ने के लिये इन लोगों ने हिन्दी को अपनाया। यही आजादी का वाहक बनी। ऐसे में नयी पीढ़ी के लोग व पत्रकारिता से जुड़े लोगों को भाषा के प्रति गम्भीर होना चाहिये। इसी क्रम में डा. विष्णु चन्द्र त्रिपाठी विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र ने कहा कि भाषा को समृद्ध बनाने में पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है परन्तु आज पत्रकारिता लेखन में निज भाषा की अनदेखी की जा रही है जिसमें सुधार की आवश्यकता है। डा. श्याम सुन्दर उपाध्याय विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने कहा कि पत्रकारिता समाज की आवाज है। इस शुद्ध एवं सरल भाषा का निरंन्तर प्रयोग किया जाना चाहिये। विभागाध्यक्ष सुधाकर शुक्ला ने कहा कि समृद्ध भाषा से ही समृद्ध समाज का निर्माण होता है। समाचार पत्र, टीवी चैनल्स और इण्टरनेट पर प्रस्तुत समाचार में भाषाई त्रुटि देखने को मिलती है। उस पर ध्यान देने की तथा सुधार करने की जरूरत है। इस अवसर पर डा. आरपी ओझा, डा. उर्मिला सिंह, डा. अखिलेश गौतम, डा. संतोष पाण्डेय, डा. अतुल श्रीवास्तव, डा. पंकज सिंह उपस्थित रहे। विभागाध्यक्ष सुधाकर शुक्ला ने गोष्ठी का संचालन करते हुये सभी के प्रति आभार जताया।

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