कैण्डिल जुलूस निकाल कर मोमनीनों ने की आतंकी घटनाओं की निन्दा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। विश्व में अशान्ति फैलाने वाली घटनाएं जैसे लेबनान व पेरिस में आतंकवादी हमला और नाइजीरिया के जारिया शहर में बेगुनाहों पर अत्याचार के विरोध में बाराबंकी में मोमनीनों ने सैकड़ों की तादात में इकट्ठा होकर मौलाना गुलाम अस्करी हाल से गांधी भवन तक कैण्डिल मार्च निकाला गया। जिसमें नाइजीरिया में हो रहे बेगुनाह इंसानो (शिया) पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की गयी। नाइजीरिया की मिलिट्री ने कादूना स्टेट के जारिया शहर में आयातुल्लाह इब्राहिम अल जकजकी को शदीद जख्मी करके गिरफ्तार किया। साथ ही 600 लोगों को बेरहमी से मार दिया गया। नाइजीरिया के बोको हराम (आतंकवादी संस्था जो कि शिक्षा के खिलाफ है)नाइजीरियन मिलिट्री के साथ मिलकर शियों पर अत्याचार कर रही है। स्पष्ट है कि आयतुल्लाह इब्राहिम जकजकी जो आतंकवाद के खिलाफ है।
बाराबंकी के सभी मोमनीन इस हमले की सख्त निन्दा करते हुये मीडिया से पूछना चाहते हैं कि पेरिस की आतंकवादी घटना को तो पूरी तरह कवरेज दिया गया। लेकिन नाइजीरिया के बेगुनाह इंसान जो आतंकवादी हमले का शिकार हुयें हैं उनकी कहीं कोई खबर नही है। कैण्डिल जुलूस देवा रोड होता हुआ गांधी भवन में पहुंचा। जहां पर मौलाना मोहम्मद रजा जैदपुरी इमामे जुमा ने खिताब करते हुये कहा कि नाइजीरिया में होने वाले जुल्म की हम पूरी तरह से निन्दा करते हैं। जो वहां की एक आतंकवादी संस्था की तरफ से इंसानो को जिस तरह बेदर्दी से मारा गया है। जहां न बच्चों, औरतों और मर्दों को जुल्म का निशाना बनाया गया है। गांधी ट्रस्ट के संस्थापक राजनाथ शर्मा ने कहा कि ऐसी घटना का हम निन्दा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले में हस्ताक्षेप करें। कैण्डिल जुलूस में छोटे बच्चे हाथों में आतंकवाद विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिये हुये थे। इस मौके पर मजाहिर हुसैन, डा एसएम हैदर, जहीर किदवाई, डा. रजा मौरानवी, अली नजीर, नासिर हुसैन जैदी, अहमद रजा जैदी, तहजीब अस्करी के अलावा सभासद सादिक हुसैन, नदीम अब्बास, सिकन्दर अब्बास रिजवी, बाकर नकवी, हसन सज्जाद जैदी, आयाज हैदर जैदी, फिरोज हैदर जैदी, मृत्युंजय शर्मा, विजय सिंह मुन्ना, मनीष सिंह, आदित्य यादव, इमरान शकील, हसन रजा, मशहैदी, डा मोहम्मद सकलैन, सैफ हैदर, मो. रजा जैदी, अली जहीर जैदी, पाटेश्वरी प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में बच्चे, नवजवान व बुजुर्गवार मौजूद रहे।
