आजादी के बाद पहली बार हारा सुभाष यादव का परिवार
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जौनपुर। ग्राम प्रधान व सदस्य पद का चुनाव सम्पन्न हो गया जिसमें जहां
कहीं पहली बार चुनाव लड़ने वालों के सिर जीत का सेहरा बंधा, वहीं कई जगह
पिछले कई वर्षों से काबिज लोगों ने पुनः कब्जा जमा लिया। इसके साथ ही कई ने
तो ऐसी जीत दर्ज की जो इतिहास बन गयी। वैसे तो जनपद के सभी विकास खण्डों
में 1773 लोग ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित हुये हैं लेकिन इन्हीं में से
कई ऐसे हैं जो ऐसे प्रत्याशी को हराये हैं जो पिछले 5 दशकों सहित आजादी के
बाद से उनके परिवार का कब्जा रहा है। इस इतिहास में जनपद का करंजाकला ब्लाक
चर्चा में है। चुनाव परिणाम के अनुसार करंजाकला विकास खण्ड क्षेत्र के
ग्रामसभा गौसपुर चकिया की प्रत्याशी कुसुम यादव पत्नी डा. उग्रसेन यादव ने
पहली बार जीत दर्ज करते हुये आशा देवी पत्नी मेवा लाल यादव को 180 मतों से
हराया है। आशा देवी पूर्व ब्लाक प्रमुख गोरखनाथ यादव की पुत्रवधू हैं। सबसे
खास बात यह है कि इस परिवार का पिछले 50 साल से प्रधान पद कब्जा रहा है।
वहीं इसी ब्लाक के देवकली कुकड़ीपुर से राजेन्द्र यादव ने सुभाष यादव को
मात्र 60 मतों से हराया। बता दें कि सुभाष यादव के परिवार का आजादी के बाद
से लगातार कब्जा रहा लेकिन इस बात तिलिस्म टूट गया।

