इमाम हुसैन की कुर्बानी का मकसद इन्सानियत की बका़ : मौलाना कौसर
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_727.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी | अययामे अजा के आखिरी दिन आज कस्बे के मोहल्ला पछली स्थित अजाखाना मोइयद मेंहदी मरहूम से जुलूसे अजा निकाला गया जुलूस से पहले हुई मजलिसे अजा को मौलाना कौसर रजा हजरतपुरी ने खिताब किया
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कौसर रजा ने कहा कि इमाम हुसैन अ0 स0 की कुर्बानी के मकसद को समझकर यादे हुसैन अ0 स0 और मजलिसे हुसैन करना ज्यादा सवाब रखता है किसी आम इन्सान की कुर्बानी बे मकसद नही होती तो फिर हुसैन अ0 स0 जैसे खास इनसान की कुर्बानी बे मकसद कैसे होगी यकीनन वो चीज बहुत अहम होगी जिसके लिए हुसैन अ0 स0 जैसी हस्ती अपने घर वालो समेत कुर्बान हुए इस कुर्बानी के सबसे छोटे मकसद को नमाज कहते है उसके बाद इन्सानियत की बका कहते है उससे उपर मकसदे कुर्बानी अल्लाह के कानून की हिफाजत करना है अल्लाह के कानून पहुचाने में अहम किरदार नबी ए पाक स0 अ0 व0 का है और उस कानून को पहचनवाने में अहम किरदार अली अ0 स0 का है लिहाजा इस कानून को बचाए वो जो नवासा नबी स0 अ0 व0 का हो और बेटा अली अ0 स0 का हो तारीख उसे जिस नाम से याद करे उस नाम को हुसैन इब्ने अली कहते है मौलाना ने आखिर में इमाम हुसैन की सहादत के मसायब बयान किये बाद मजलिस जुलूस बरामद हुआ जिसमे अनजुमन हुसैनिया द्वारा नौहाख्वानी व सीना जनी की गई जुलूस अपने तयशुदा रास्तो से हाता हुआ गार पर पहुचकर खत्म हुआ जुलूस के खत्म होने पर मौलाना अता मेंहदी व मोअतकिद मेंहदी ने सभी जायरीनो का शुक्रिया अदा किया
इससे पूर्व फिरासत जैदपुरी के इमामबाडे़ में मजलिसे अजा हुई जिसे मौलाना अता मेंहदी ने खिताब किया इसके बाद रजा आमिर ने नौहाख्वानी की |
बाराबंकी | अययामे अजा के आखिरी दिन आज कस्बे के मोहल्ला पछली स्थित अजाखाना मोइयद मेंहदी मरहूम से जुलूसे अजा निकाला गया जुलूस से पहले हुई मजलिसे अजा को मौलाना कौसर रजा हजरतपुरी ने खिताब किया
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कौसर रजा ने कहा कि इमाम हुसैन अ0 स0 की कुर्बानी के मकसद को समझकर यादे हुसैन अ0 स0 और मजलिसे हुसैन करना ज्यादा सवाब रखता है किसी आम इन्सान की कुर्बानी बे मकसद नही होती तो फिर हुसैन अ0 स0 जैसे खास इनसान की कुर्बानी बे मकसद कैसे होगी यकीनन वो चीज बहुत अहम होगी जिसके लिए हुसैन अ0 स0 जैसी हस्ती अपने घर वालो समेत कुर्बान हुए इस कुर्बानी के सबसे छोटे मकसद को नमाज कहते है उसके बाद इन्सानियत की बका कहते है उससे उपर मकसदे कुर्बानी अल्लाह के कानून की हिफाजत करना है अल्लाह के कानून पहुचाने में अहम किरदार नबी ए पाक स0 अ0 व0 का है और उस कानून को पहचनवाने में अहम किरदार अली अ0 स0 का है लिहाजा इस कानून को बचाए वो जो नवासा नबी स0 अ0 व0 का हो और बेटा अली अ0 स0 का हो तारीख उसे जिस नाम से याद करे उस नाम को हुसैन इब्ने अली कहते है मौलाना ने आखिर में इमाम हुसैन की सहादत के मसायब बयान किये बाद मजलिस जुलूस बरामद हुआ जिसमे अनजुमन हुसैनिया द्वारा नौहाख्वानी व सीना जनी की गई जुलूस अपने तयशुदा रास्तो से हाता हुआ गार पर पहुचकर खत्म हुआ जुलूस के खत्म होने पर मौलाना अता मेंहदी व मोअतकिद मेंहदी ने सभी जायरीनो का शुक्रिया अदा किया
इससे पूर्व फिरासत जैदपुरी के इमामबाडे़ में मजलिसे अजा हुई जिसे मौलाना अता मेंहदी ने खिताब किया इसके बाद रजा आमिर ने नौहाख्वानी की |

