पैगम्बरे इस्लाम के जन्मदिन पर हुए कई कार्यक्रम
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_781.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.व.) व इमाम जाफरे सादिक (अ0) के जन्म दिवस 17 रबी अव्वल पर नजरो नियाज महफिल के साथ-साथ सबील व चरागॉं का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोगो ने एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद पेश की। कर्बला सिविल लाइन में सुबह से ही चाय की सबील लग गयी थी जहां अल मुस्तफा ट्रस्ट द्वारा सुबह 9 बजे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल, दूध वितरण किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्यों के साथ सीएमएस एसके सिंह, डा. एके शुक्ला भी मौजूद थे। इस मौके पर सीएमएस एसके सिंह ने कहा कि ऐसे कामों से लोगों का भला होता है। उन्होने कहा कि आज पैगम्बर साहब की पैदाईश पर जनपदवासियों को तहे दिल से मुबारकबाद पेश करते हैं। इसके बाद सिविल लाइन्स कर्बला गेट पर सुबह 10ः30 बजे चाय की सबील लगाकर राहगीरों को चाय पिलायी। कर्बला के दरगाह पर आयोजित महफिल को खिताब करते हुए मौलाना तस्दीक हुसैन साहब जैदपुरी ने कहा-मोमिन वो जिसके जरिये पड़ोसी महफूज रहे। मुस्लिम वो जिसके जबान और कलम से लोग महफूज रहे। मौलाना ने पैगम्बरे खुदा के जीवन का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होने बचपन से ही हिदायत का काम शुरू कर दिया था। मौलाना ने ये भी कहा- जिन्दगी गन्दगी के साथ नही बन्दगी के साथ गुजारों। महफिल का आगाज तिलावते कलाम पाक से मौलाना अब्बास महंदी ने किया। वहीं शब में कर्बला सिविल लाइन में चरागा के साथ-साथ नजरांे नियाज का आयोजन किया गया। साथ ही एक महफिल भी की गयी जिसको खतीबे अहले बैत अली अब्बास ने खिताब फरमाया। कार्यक्रम समाप्ति के बाद अलमुस्तफा ट्रस्ट के अध्यक्ष सैयद अयाज हैदर जैदी व हसन सज्जाद जैदी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
बाराबंकी। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.व.) व इमाम जाफरे सादिक (अ0) के जन्म दिवस 17 रबी अव्वल पर नजरो नियाज महफिल के साथ-साथ सबील व चरागॉं का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोगो ने एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद पेश की। कर्बला सिविल लाइन में सुबह से ही चाय की सबील लग गयी थी जहां अल मुस्तफा ट्रस्ट द्वारा सुबह 9 बजे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल, दूध वितरण किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्यों के साथ सीएमएस एसके सिंह, डा. एके शुक्ला भी मौजूद थे। इस मौके पर सीएमएस एसके सिंह ने कहा कि ऐसे कामों से लोगों का भला होता है। उन्होने कहा कि आज पैगम्बर साहब की पैदाईश पर जनपदवासियों को तहे दिल से मुबारकबाद पेश करते हैं। इसके बाद सिविल लाइन्स कर्बला गेट पर सुबह 10ः30 बजे चाय की सबील लगाकर राहगीरों को चाय पिलायी। कर्बला के दरगाह पर आयोजित महफिल को खिताब करते हुए मौलाना तस्दीक हुसैन साहब जैदपुरी ने कहा-मोमिन वो जिसके जरिये पड़ोसी महफूज रहे। मुस्लिम वो जिसके जबान और कलम से लोग महफूज रहे। मौलाना ने पैगम्बरे खुदा के जीवन का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होने बचपन से ही हिदायत का काम शुरू कर दिया था। मौलाना ने ये भी कहा- जिन्दगी गन्दगी के साथ नही बन्दगी के साथ गुजारों। महफिल का आगाज तिलावते कलाम पाक से मौलाना अब्बास महंदी ने किया। वहीं शब में कर्बला सिविल लाइन में चरागा के साथ-साथ नजरांे नियाज का आयोजन किया गया। साथ ही एक महफिल भी की गयी जिसको खतीबे अहले बैत अली अब्बास ने खिताब फरमाया। कार्यक्रम समाप्ति के बाद अलमुस्तफा ट्रस्ट के अध्यक्ष सैयद अयाज हैदर जैदी व हसन सज्जाद जैदी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
