कत्लेआम व मौलाना की गिरफ्तारी पर शिया समुदाय ने किया विरोध
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जौनपुर। नाइजीरिया में शिया समुदाय के कत्ले आम और आयतुल्लाह मौलाना इब्राहिम जकजकी की गिरफ्तारी एवं इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब की शान में तौहीन करने वाले कमलेश तिवारी के विरोध में बेगमगंज स्थित जामिया इमाम जाफर सादिक में एह्तिजाजी जलसा और मजलिस का आयोजन धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ जहां दर्जनों धर्मगुरूओं सहित अंजुमनों ने कुरानखानी करने के साथ ही जालिमों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग किया। इस मौके पर धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब को पूरी दुनिया अमन का प्रतीक मानती है। उन्होंने कहा कि कमलेश तिवारी जैसे लोग सस्ती शोहरत पाने के लिये इस तरह की बातें देश के अमन-चैन को खराब करने के लिये करते हैं। इसी क्रम में मौलाना जैदी ने कहा कि नाइजीरिया में बेगुनाह शियों के ऊपर क्रूरता और बर्बरतापूर्वक हमला किया गया जो निंदनीय है। संयुक्त राष्ट्रसंघ व भारत सरकार से मांग है कि नाइजीरिया सरकार पर शियों पर अत्याचार और आयतुल्लाह मौलाना जकजकी सहित उनके साथियों की रिहाई के लिये दबाव डाले। शिया जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना हसन मेंहदी ने कहा कि रसूले इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने वालों पर सरकार कार्यवाही करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मौलाना ने कहा कि संयुक्त राष्ट्रसंघ ने यदि इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर नाइजीरिया सरकार पर दबाव नहीं बनाया तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा। इस अवसर पर मौलाना बाकिर रजा खां, मौलाना अहमद अब्बास, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना फजले मुमताज, मौलाना हैदर मेंहदी, मोहम्मद हनीफ, संजय मेंहदी, बहादुर अली, आकिफ, असलम, मौलाना दिलशाद खान के अलावा सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।

