आंगनबाड़ी केन्द्र बना शोपीस, बच्चों को नही मिलती पंजीरी
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अजमी रिज़वी
जैदपुर बाराबंकी। हरख विकास खण्ड के अधिकांश ऑगनवाड़ी केन्द्र कागजों पर केवल संचालित शो पीस बने हुये है। कभी कभार खोल कर खानापूरी की जा रही है। पंजीरी आदि का बेच देना तो पुरानी बातें हो गयी है। ग्राम अजपूरा के आगनवाड़ी केन्द्र गढ़ीराखमऊ केन्द्र पर बच्चे तो भारी संख्या में अंकित है परन्तु सहायका व आंगनवाड़ी मात्र 4 बच्चें में बैठ सूटर आदि बुनकर समय बिता कर अपने घर चली जाती है। विकास खण्ड हरख क्षेत्र में अधिकॉश ऑगनवाड़ी केन्द्र केवल कागजों पर संचालित है। जहॉ कभी कभार खोल कर खानापूरी की जाती है। नाम मात्र 24 बच्चे केन्द्र में आते और चन्द मिनट खेलकूद कर वापस चाले जाना रोज की बात हो चुकी है। कभी ऑगनवाड़ी का नदारद रहना कभी कार्यकत्री का गायब रहना इनकी आदतों में शुमार है। गढ़ीराखमऊ की आगनवाड़ी आज 12 बजे केन्द्र में पहुंची जबकि ओरिलालपुरवा की आगनवाड़ी केन्द्र पर मात्र दो बच्चे ही मौके पर मिले। अजपूरा में 120 बच्चे अंकित तो है परन्तु 4 बच्चें ही मौके पर मिले इसी प्रकार जैदपुर कोला वजीउददीनपुर बगला बाजार मचौची, मूर्लीगंज, गुलहरिया, गोठिया, मौथरी सहित अधिकॉश आगनवाड़ी केन्द्र केवल कागजों पर संचाालित है। पंजीरी को बेचा जाना कोई नई बात नही। कब पंजीरी आयी और बॅट गयी गॉव के लोग जान तक नही पाते।

