UP के दलित बेच सकेंगे गैर-दलितों को अपनी जमीन
https://husainijnp.blogspot.com/2015/12/blog-post_874.html
अजमी रिज़वी
उत्तर प्रदेश के दलित अब अपनी भूमि गैर-दलितों को बेच सकेंगे। राज्यपाल राम नाईक ने उस अध्यादेश को आज मंजूरी दे दी, जो ब्रिटिशकाल से पूर्व के राजस्व कानून को संशोधित करने के उद्देश्य से लाया गया है। राजभवन के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2015 को मंजूरी दे दी।
ये संशोधन दलितों को अपनी भूमि गैर दलितों को बेचने का अधिकार देता है। भले ही उनके पास साढे तीन एकड़ से भी कम भूमि क्यों ना हो। पहले ऐसी सूरत में जिलाधिकारी से अनुमति की आवश्यकता पड़ती थी। अध्यादेश को बीएसपी से आलोचना मिली है। इसने सत्ताधार सपा पर आरोप मढ़ दिया कि वह गरीब दलितों को लूट रही है। उनके पास जो भी भूमि बची है, उसे बिकवा रही है। सपा हालांकि इसे ‘मील का पत्थर’ करार दे रही है क्योंकि उसका मानना है कि इस अध्यादेश से ऐसे दलितों को फायदा होगा, जो किसी संकटवश जमीन बेचने पर मजबूर हो जाते हैं।
सरकार राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संभवत: संशोधन विधेयक पेश करेगी। विधानसभा चुनाव 2017 में हैं। ऐसे में बीएसपी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। बीएसपी नेताओं ने संशोधन को ‘दलितों को कमजोर करने की साजिश’ बताया है।
बीएसपी नेताओं का आरोप है कि अध्यादेश अपर महाधिवक्ता आर बी यादव की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का नतीजा है। कोई जमीनी सर्वे नहीं कराया गया है।

