कोरिया में तनाव घटाने के लिए लोग करते हैं मरने के बाद की जिंदगी का अहसास!
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सियोल। सोचिए, आप तनाव महसूस कर रहे हैं। तो आप क्या करना चाहेंगे। जाहिर तौर पर म्यूजिक सुनना चाहेंगे या चहलकदमी करना चाहेंगे। पर दक्षिण कोरिया में आजकल लोग तनाव को भगाने के लिए मरने के बाद की लाइफ में जाना चाहते हैं। और ऐसा महसूस कराने के लिए बाकायदा कंपनियां भी हैं, जो ये काम कर रही हैं।
जी हां, दक्षिण कोरिया में लोग 10 मिनट ताबूत में रहते हैं। मरने के बाद की जिंदगी को लेकर धर्मगुरुओं से ज्ञान भी लेते हैं। ताकि वो तनाव को भगा सकें। हैरानी की बात है कि ऐसा करने वाले बाद में कहते हैं कि उन्हें ऐसा करके अच्छा लगा। वांग योंग यो(67) नाम की महिला ने कहा कि 10 मिनट मरने के बाद की जिंदगी बिताकर मुझमें नया उत्साह आ गया है। ऐसा लगता है कि मुझे नई जिंदगी मिली है। और मैं नई शुरुआत कर सकती हूं
उन्होंने कहा कि मेरी मां मुझसे बहुत प्यार करती थी, वो कम उम्र में ही चली गई। वो बहुत खूबसूरत थी। दक्षिण कोरिया में मॉक फ्यूनरल मतलब मरने के बाद के अंतिम संस्कार का अभ्यास अब नया ट्रेंड बनता जा रहा है। ऐसा कराने के लिए तमाम कंपनियां भी मैदार में उतर चुकी हैं। और अब ये बड़ा बिजनेस बन चुका है।
जी हां, दक्षिण कोरिया में लोग 10 मिनट ताबूत में रहते हैं। मरने के बाद की जिंदगी को लेकर धर्मगुरुओं से ज्ञान भी लेते हैं। ताकि वो तनाव को भगा सकें। हैरानी की बात है कि ऐसा करने वाले बाद में कहते हैं कि उन्हें ऐसा करके अच्छा लगा। वांग योंग यो(67) नाम की महिला ने कहा कि 10 मिनट मरने के बाद की जिंदगी बिताकर मुझमें नया उत्साह आ गया है। ऐसा लगता है कि मुझे नई जिंदगी मिली है। और मैं नई शुरुआत कर सकती हूं
उन्होंने कहा कि मेरी मां मुझसे बहुत प्यार करती थी, वो कम उम्र में ही चली गई। वो बहुत खूबसूरत थी। दक्षिण कोरिया में मॉक फ्यूनरल मतलब मरने के बाद के अंतिम संस्कार का अभ्यास अब नया ट्रेंड बनता जा रहा है। ऐसा कराने के लिए तमाम कंपनियां भी मैदार में उतर चुकी हैं। और अब ये बड़ा बिजनेस बन चुका है।

