सपा ने 12 ब्लाक प्रमुख के प्रत्याशियों की लिस्ट किया जारी
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बाराबंकी । सपा अध्यक्ष डाँ.कुलदीप सिंह ने छाया चौराहा इंदिरा मार्केट स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फरवरी में होने वाले ब्लाक प्रमुख चुनाव में 12 सीटों के उम्मीदवारो की घोषणा कर दी।
1.निन्दुरा से _चंद्रशेखर गुप्ता।
2.फतेहपुर से -अनिल वर्मा।
3-दरियाबाद से -अजित सिंह।
4.पुरेडलई से-दृगपाल सिंह।
5.बनिकोडर से -रूचि सिंह।
6.देवां से -नीतू सिंह।
7.सिराली गौसपुर से-रामावती।
8.सूरतगंज से -लैला।
9.ञिवेदीगंज से -गोमती यादव।
10.सिधौर से -रामेश चंद्र वर्मा।
11. हरख से -जकिरून निशा।
12.हैदरगढ से-इंदुसिहं।
इस अवसर पर डाँ.कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब प्रदेश को विकास का नया एजेंडा दिया तो उम्मीद थी कि अपने को जनता का हितैषी बताने वाले दल भी उन्हें सहयोग और समर्थन देंगे। विपक्ष की राजनीति केवल विरोध की नही होती है उसका रचनात्मक पक्ष भी होता है। लोकतंत्र में लोकलाज भी बड़ी चीज होती है। खेद है कि प्रदेश के विपक्षी दल अपनी सही भूमिका निभाने में पीछे रहे हैं और बिना मुद्दे के विरोधी बयान देते रहे हैं।
समाजवादी सरकार बनने पर इसके समक्ष गंभीर चुनौतियाँ रही है। भाजपा सांप्रदायिकता की आंच तेजकर विकास झुलसाने की साजिशों मे संलिप्त रही है। इस दल के प्रदेश से निर्वाचित 73 लोकसभा सदस्य हैं, दर्जनभर केन्द्र सरकार मंत्री है इसके बावजूद केन्द्र का रवैया प्रदेश के प्रति सौतेलापन का है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब तक कितने ही पत्र प्रधानमंत्री और संबन्घित मंत्रियों को लिख चुके हैं जिनमें प्रदेश की विकास परियोजनाओं के लिए मदद और सहयोग की मांग की गयी थी। संसद में कभी उत्तर प्रदेश की चर्चा भाजपा ने नही की। उसका काम सिर्फ प्रदेश के विकास कार्यो की अलोचना करना ही रहा है।
उत्तर प्रदेश में बसपा नेता सत्ता गंवाकर इतना कुंठित है कि समाजवादी सरकार बनने के पहले दिन से ही राज्यपाल से मिलकर उसको बर्खास्त करने की मांग उठा रहे है। बसपा अध्यक्ष इसमें सबसे आगे है। कांगे्रस का अपना तो जनाधार बचा नही है पर उसके नेता भी राज्य सरकार का विरोध करने का कोई मौका नही चूकते हैं। विपक्ष को न तो संविधान की मर्यादा का ख्याल है और न ही लोकलाज की चिंता है। इन दलों ने खुद तो कुछ किया नही सिवाय लोगो को भ्रमित करने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के।
सच तो यह है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार ने पाँच साल के लिए किए गए वादे चार साल के अन्दर ही पूरे कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। दूसरे प्रदेशों की सरकारे अब इनका अनुसरण करने को बाध्य है। प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे है। हर तरफ विकास कार्यो की चर्चा है। समाज का हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किसान, नौजवान, अल्पसंख्यक सभी की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। अच्छा होता साम्प्रदायिकता और जाति-धर्म की राजनीति छोड़ अखिलेश जी की विकास राजनीति में भी विपक्ष को सहयोग करना चाहिए। भारतीय राजनीति और भारतीय संविधान का गहरा सम्बन्ध है लोकतंत्र समाजवाद और धर्म निरपेक्षता के लिए समाजवादी पार्टी हमेशा संघर्षरत रही है।


