बिजली की कमी के बाद भी दिन भर जलती स्ट्रीट लाइटें
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। सरकारों द्वारा विद्युत बचत को लेकर किये जा रहे प्रयास धरातल पर पहुंचने से पहले ही अधिकारियों की अनदेखी के चलते भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। एक ओर जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर सरकारें नयी-नयी योजनाएं चला रही हैं वहीं दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति होने पर उसका दुरुपयोग जहां उपभोक्ता कर रहे हैं वहीं अधिकारी भी अनदेखी के चलते उसे नजर अंदाज कर रहे हैं। चाहे वह दफ्तरों में जल रहे हाई वोल्टेज के सीएफएल व बल्ब एवं अन्य विद्युत उपकरण हों या फिर दिन में जलती स्ट्रीट लाईट हो। बिजली की भारी कमी के बाद भी इस प्रकार की अनदेखी से विद्युत विभाग के अधिकारी निरंकुश कार्यशैली के चलते कुछ कर गुजरने से परहेज करते हैं। नगर के अभय नगर, लखपेड़ाबाग, दशहराबाग, दुर्गापुरी, श्रीनगर, बेगमगंज सहित कई मोहल्लों में अक्सर दिन में स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। शिकायतों के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी नही चेतते। ऐसी लापरवाही के चलते एक ओर जहां विद्युत विभाग को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर विद्युत की कमी को पूरा करने में इस प्रकार की लापरवाही आड़े आती हैं। केन्द्र सरकार विद्युत की बचत को लेकर एलईडी बब्ल को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराकर बिजली की बचत को और कम करने का प्रयास कर रही है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्ट्रीट लाइटों में लगी 500 से 1000 वाट तक के हाइलोजन बल्ब व मरकरी दिन में भी जलती रहती है। जिस पर न तो किसी प्रकार का प्रशासनिक नियंत्रण है न ही विभाग की ओर से कोई उचित कार्यवाही होती है। कमरियाबाग निवासी अब्बास कहना है कि पिछले 15 दिनों से स्ट्रीट लाइटें रात और दिन में जला करती हैं कई बार जेई और ईओ से शिकायत भी की लेकिन कोई फर्क नही पड़ा। वहीं अभयनगर निवासी श्रीनिवास त्रिपाठी का कहना है कि ऐसी लापरवाही से उपभोक्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली की कमी के चलते पूरा प्रदेश जूझ रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी मौज कर रहे हैं। लिखित शिकायतों के बाद भी इस समस्या का कोई निराकरण नही हो पा रहा है।
बाराबंकी। सरकारों द्वारा विद्युत बचत को लेकर किये जा रहे प्रयास धरातल पर पहुंचने से पहले ही अधिकारियों की अनदेखी के चलते भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। एक ओर जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर सरकारें नयी-नयी योजनाएं चला रही हैं वहीं दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति होने पर उसका दुरुपयोग जहां उपभोक्ता कर रहे हैं वहीं अधिकारी भी अनदेखी के चलते उसे नजर अंदाज कर रहे हैं। चाहे वह दफ्तरों में जल रहे हाई वोल्टेज के सीएफएल व बल्ब एवं अन्य विद्युत उपकरण हों या फिर दिन में जलती स्ट्रीट लाईट हो। बिजली की भारी कमी के बाद भी इस प्रकार की अनदेखी से विद्युत विभाग के अधिकारी निरंकुश कार्यशैली के चलते कुछ कर गुजरने से परहेज करते हैं। नगर के अभय नगर, लखपेड़ाबाग, दशहराबाग, दुर्गापुरी, श्रीनगर, बेगमगंज सहित कई मोहल्लों में अक्सर दिन में स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। शिकायतों के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी नही चेतते। ऐसी लापरवाही के चलते एक ओर जहां विद्युत विभाग को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर विद्युत की कमी को पूरा करने में इस प्रकार की लापरवाही आड़े आती हैं। केन्द्र सरकार विद्युत की बचत को लेकर एलईडी बब्ल को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराकर बिजली की बचत को और कम करने का प्रयास कर रही है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्ट्रीट लाइटों में लगी 500 से 1000 वाट तक के हाइलोजन बल्ब व मरकरी दिन में भी जलती रहती है। जिस पर न तो किसी प्रकार का प्रशासनिक नियंत्रण है न ही विभाग की ओर से कोई उचित कार्यवाही होती है। कमरियाबाग निवासी अब्बास कहना है कि पिछले 15 दिनों से स्ट्रीट लाइटें रात और दिन में जला करती हैं कई बार जेई और ईओ से शिकायत भी की लेकिन कोई फर्क नही पड़ा। वहीं अभयनगर निवासी श्रीनिवास त्रिपाठी का कहना है कि ऐसी लापरवाही से उपभोक्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली की कमी के चलते पूरा प्रदेश जूझ रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी मौज कर रहे हैं। लिखित शिकायतों के बाद भी इस समस्या का कोई निराकरण नही हो पा रहा है।
