आयतुल्लाह शेख़ निम्र के बेटे ने अपने पिता पर हुए अत्याचारों से उठाया पर्दा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/blog-post_195.html
सऊदी अरब के शहीद वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शेख़ निम्र अल-निम्र के बेटे मोहम्मद अल-निम्र ने कहा है कि उनके पिता सऊदी शासन से चाहते थे कि समस्त राजनीतिक क़ैदियों को आज़ाद कर दिया जाए और उन्हें इस बात का विश्वास था कि आले सऊद शासन देर या सवेर उनकी हत्या कर देगा।
मोहम्मद अल-निम्र ने अपने पिता को गिरफ़्तार किए जाने के बारे में कहा, सऊदी पुलिस की गाड़ी ने मेरे पिता की गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी और उन्हें गाड़ी से बाहर खींचकर उनकी टागों में चार गोलियां मारीं।
रश्या टूडे के साथ बातचीत में मोहम्मद अल-निम्र का कहना था कि मेरे पिता समस्त लोगों के लिए आवाज़ उठाते हैं, वे केवल शिया समुदाय की बात नहीं करते थे। सऊदी अरब के अधिकारी यह देखकर पागल हो गए कि वे सरकार द्वारा सताए गए सभी लोगों के अधिकारों की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब मेरे पिता ने देश में मानवाधिकारों के लिए आवाज़ उठाई तो लोगों ने उनकी ओर आशा से देखना शुरू किया। उनकी इस बात को सऊदी अधिकारी पसंद नहीं करते थे।
सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह निम्र अल-निम्र का 2 जनवरी को मौत की सज़ा के नाम पर सिर क़लम कर दिया गया था।
मोहम्मद निम्र ने अपने पिता को एक ईमानदार और सज्जन व्यक्ति बताया, जो आले सऊद शासन की तानाशाही के मुखर आलोचक थे।
शेख़ निम्र की फांसी का मध्यपूर्व समेत पूरे विश्व में कड़ा विरोध हुआ है।
रविवार को न्यूयॉर्क में सैकड़ों लोगों ने टाइम्स स्कवायर पर सऊदी अरब विरोधी रैली में भाग लिया। प्रदर्शनकारी विभिन्न मुस्लिम समुदायों के बीच एकता के लिए नारे लगा रहे थे और सऊदी अरब शिया मुस्लिम समुदाय के दमन की आलोचना कर रहे थे।
सऊदी को समर्थन देने और हथियार बेचने के लिए मोहम्मद निम्र ने अमरीका और ब्रिटेन की नीतियों की भी आलोचना की।
उनका कहना था कि मेरे पिता को घायल अवस्था में गिरफ़्तार करने के बाद, उनका उचित उपचार नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि दर्द के कारण, उनके पिता एक वर्ष तक सो नहीं पाये।
उन्हें 6 भारी ज़ंजीरों में जकड़ कर रखा जाता था और वह चल फिर भी नहीं सकते थे। सऊदी अधिकारियों ने एक गोली उनकी टांग से नहीं निकाली थी, ताकि उन्हें उससे हमेशा पीड़ा होती रहे।
शेख़ निम्र को मौत की सज़ा दिए जाने के बाद, उनके परिजनों को उनका शव तक नहीं दिया गया, ताकि वे उसे उचित ढंग से दफ़्न न कर सकें।
मोहम्मद अल-निम्र ने अपने पिता को गिरफ़्तार किए जाने के बारे में कहा, सऊदी पुलिस की गाड़ी ने मेरे पिता की गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी और उन्हें गाड़ी से बाहर खींचकर उनकी टागों में चार गोलियां मारीं।
रश्या टूडे के साथ बातचीत में मोहम्मद अल-निम्र का कहना था कि मेरे पिता समस्त लोगों के लिए आवाज़ उठाते हैं, वे केवल शिया समुदाय की बात नहीं करते थे। सऊदी अरब के अधिकारी यह देखकर पागल हो गए कि वे सरकार द्वारा सताए गए सभी लोगों के अधिकारों की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब मेरे पिता ने देश में मानवाधिकारों के लिए आवाज़ उठाई तो लोगों ने उनकी ओर आशा से देखना शुरू किया। उनकी इस बात को सऊदी अधिकारी पसंद नहीं करते थे।
सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह निम्र अल-निम्र का 2 जनवरी को मौत की सज़ा के नाम पर सिर क़लम कर दिया गया था।
मोहम्मद निम्र ने अपने पिता को एक ईमानदार और सज्जन व्यक्ति बताया, जो आले सऊद शासन की तानाशाही के मुखर आलोचक थे।
शेख़ निम्र की फांसी का मध्यपूर्व समेत पूरे विश्व में कड़ा विरोध हुआ है।
रविवार को न्यूयॉर्क में सैकड़ों लोगों ने टाइम्स स्कवायर पर सऊदी अरब विरोधी रैली में भाग लिया। प्रदर्शनकारी विभिन्न मुस्लिम समुदायों के बीच एकता के लिए नारे लगा रहे थे और सऊदी अरब शिया मुस्लिम समुदाय के दमन की आलोचना कर रहे थे।
सऊदी को समर्थन देने और हथियार बेचने के लिए मोहम्मद निम्र ने अमरीका और ब्रिटेन की नीतियों की भी आलोचना की।
उनका कहना था कि मेरे पिता को घायल अवस्था में गिरफ़्तार करने के बाद, उनका उचित उपचार नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि दर्द के कारण, उनके पिता एक वर्ष तक सो नहीं पाये।
उन्हें 6 भारी ज़ंजीरों में जकड़ कर रखा जाता था और वह चल फिर भी नहीं सकते थे। सऊदी अधिकारियों ने एक गोली उनकी टांग से नहीं निकाली थी, ताकि उन्हें उससे हमेशा पीड़ा होती रहे।
शेख़ निम्र को मौत की सज़ा दिए जाने के बाद, उनके परिजनों को उनका शव तक नहीं दिया गया, ताकि वे उसे उचित ढंग से दफ़्न न कर सकें।

