शिक्षकों का अनिश्चित कालीन धरना प्रारम्भ
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/blog-post_48.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। विभिन्न मांगो को लेकर उच्च शिक्षा उत्थान समिति के तत्वाधान में अनिश्चित कालीन धरना नगर के गांधी भवन में शुरु हो गया। धरने के माध्यम से अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध महाविद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक स्वर में आवाज बुलंद की। धरना दे रहे पदाधिकारियों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी के आदेशों पर कलेक्ट्रेट में धरना न दिये जाने पर गांधी भवन में अनिश्चित कालीन धरने का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से यह मांग की गयी कि अनुमोदित प्राध्यापकों का विवरण आनलाइन किया जाये। न्यूनतम वेतन निर्धारण करके वेतन भुगतान व्यवस्था विश्वविद्यालय के आधीन की जाये। सेवा नियमावली बनाकर तत्काल प्रभाव से लागू की जाये तथा फर्जी अनुमोदन करने वाले महाविद्यालयों और एकाधिकार कालेजों में अनुमोदित प्राध्यापकों के खिलाफ कार्यवाही की जाये। इन मांगो को न मानने पर अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। धरना दे रहे समिति के जिलाध्यक्ष ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कालेज संचालको की मिली भगत से स्वावित्तपोषित प्राध्यापकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होने कहा कि कई बार आवेदन के बाद भी कुलपति द्वारा कोई कार्यवाही न किया जाना नैतिकता के विरुद्ध है। इस मौके पर धरने में मुख्यरुप से समिति के प्रदेश अध्यक्ष डा एमपी सिंह, महामंत्री जेपी सिंह, रणधीर सिंह सुमन, अनूप कुमार सिंह, डा अनुराग, रिजवान अहमद खान, दीपक वर्मा, विजय प्रताप, डा अनीता वर्मा, डा प्रतिभा पाल, डा भूपेन्द्र सिंह, पवन श्रीवास्तव शामिल रहे।
बाराबंकी। विभिन्न मांगो को लेकर उच्च शिक्षा उत्थान समिति के तत्वाधान में अनिश्चित कालीन धरना नगर के गांधी भवन में शुरु हो गया। धरने के माध्यम से अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध महाविद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक स्वर में आवाज बुलंद की। धरना दे रहे पदाधिकारियों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी के आदेशों पर कलेक्ट्रेट में धरना न दिये जाने पर गांधी भवन में अनिश्चित कालीन धरने का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से यह मांग की गयी कि अनुमोदित प्राध्यापकों का विवरण आनलाइन किया जाये। न्यूनतम वेतन निर्धारण करके वेतन भुगतान व्यवस्था विश्वविद्यालय के आधीन की जाये। सेवा नियमावली बनाकर तत्काल प्रभाव से लागू की जाये तथा फर्जी अनुमोदन करने वाले महाविद्यालयों और एकाधिकार कालेजों में अनुमोदित प्राध्यापकों के खिलाफ कार्यवाही की जाये। इन मांगो को न मानने पर अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। धरना दे रहे समिति के जिलाध्यक्ष ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कालेज संचालको की मिली भगत से स्वावित्तपोषित प्राध्यापकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होने कहा कि कई बार आवेदन के बाद भी कुलपति द्वारा कोई कार्यवाही न किया जाना नैतिकता के विरुद्ध है। इस मौके पर धरने में मुख्यरुप से समिति के प्रदेश अध्यक्ष डा एमपी सिंह, महामंत्री जेपी सिंह, रणधीर सिंह सुमन, अनूप कुमार सिंह, डा अनुराग, रिजवान अहमद खान, दीपक वर्मा, विजय प्रताप, डा अनीता वर्मा, डा प्रतिभा पाल, डा भूपेन्द्र सिंह, पवन श्रीवास्तव शामिल रहे।

