जातिवादी है केंद्र सरकार की सोच : मायावती
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/blog-post_576.html
तालिब ज़ैदी
बीएसपी प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सराकर और पीएम पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की पूरे देश में निम्न वर्गों के लोगों के खिलाफ बीजेपी की सोच नहीं बदली है, केंद्र सरकार जातिवाद है।
जब भी केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी है तो आरएसएस ने और बीजेपी के कट्टरवादी सांसदों और उच्च पदों पर बैठे लोगों ने कभी भारतीय संविधान और कभी आरक्षण की समीक्षा करने की आड़ में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की कोशिशों को कत्म करने की कोशिश की है। लेकिन विरोधी अब तक कामयाब नहीं पाए है।
मायावती ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में भी केंद्र सरकर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने रोहित की मौत की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मोदी का भावुक होना राजनीतिक स्टंट है। अगर रोहित को न्याय नहीं मिलता है तो पीएम का भावुक होना केवल राजनीति मानी जाएगा।
मायावती ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री राजनैतिक स्वार्थ में बाबा साहब को आदर देने के नाम पर घोषणाएं करते हैं और दूसरी तरफ दलितों का शोषण हो रहा है।
बीएसपी प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सराकर और पीएम पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की पूरे देश में निम्न वर्गों के लोगों के खिलाफ बीजेपी की सोच नहीं बदली है, केंद्र सरकार जातिवाद है।
जब भी केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी है तो आरएसएस ने और बीजेपी के कट्टरवादी सांसदों और उच्च पदों पर बैठे लोगों ने कभी भारतीय संविधान और कभी आरक्षण की समीक्षा करने की आड़ में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की कोशिशों को कत्म करने की कोशिश की है। लेकिन विरोधी अब तक कामयाब नहीं पाए है।
मायावती ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में भी केंद्र सरकर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने रोहित की मौत की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मोदी का भावुक होना राजनीतिक स्टंट है। अगर रोहित को न्याय नहीं मिलता है तो पीएम का भावुक होना केवल राजनीति मानी जाएगा।
मायावती ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री राजनैतिक स्वार्थ में बाबा साहब को आदर देने के नाम पर घोषणाएं करते हैं और दूसरी तरफ दलितों का शोषण हो रहा है।

