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दलित छात्र की आत्महत्या पर सियासत गर्म , राहुल पहुंचे हैदराबाद

हैदराबाद विश्वविद्यालय में एक दलित छात्र की आत्महत्या पर सियासत गर्माती जा रही है। विपक्षी दलों ने इसे लेकर बीजेपी और मोदी सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, जेडीयू ने इसे लेकर सरकार पर करारा हमला बोला।
छात्र की खुदकुशी के बाद भड़के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के चलते कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। राहुल, रोहित के परिजनों से भी मुलाकात की। वहीं राज्य से बाहर के कई परिसरों में छात्र हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में अपनी कक्षाओं से बाहर आ गए।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी यूनीवर्सिटी में छात्रों में खुल कर विचार रखने की आजादी होनी चाहिए। आप किसी के विचार से सहमत नहीं हो सकते हैं पर उसको विचार रखने की आजादी होनी चाहिए। दिल्ली के मंत्री और यहां के वीसी सही से काम नहीं कर रहे हैं। वीसी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं केजरीवाल ने इसे खुदकुशी नहीं हत्या करार दिया है। केजरीवाल ने बंडारू दत्तात्रेय को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय की हत्या है। उधर, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है इस वक्त रोहित के परिजनों के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है, लेकिन राहुल गांधी हैदराबाद नमक छिड़कने जा रहे हैं।
उधर, केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने इस पर रिपोर्ट तलब की है। गहलोत ने कहा कि जहां भी दलित की मौत का मामला होता है, हम इस पर जांच कराते हैं। राहुल के दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। छात्र के परिवार को न्याय मिले, यही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
दलित छात्र रोहित वेमुला का शव विश्वविद्यालय के हॉस्टल के कमरे में लटका हुआ पाया गया था, जिसके बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। दलित छात्र की कथित आत्महत्या के मामले की प्राथमिकी में कल केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति को नामजद किया गया। इन आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया कि रोहित ने इतना बड़ा कदम दत्तात्रेय के पत्र के बाद दलित छात्रों के साथ किए जा रहे भेदभाव के कारण उठाया। दत्तात्रेय ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर इनके ‘‘राष्ट्र विरोधी कृत्यों’’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
रोहित उन पांच शोध करने वाले छात्रों में शामिल था जिन्हें हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पिछले साल अगस्त में निलंबित कर दिया था। वह से एक छात्र नेता पर हमले के मामले के आरोपियों में शामिल था। विश्वविद्यालय ने इन शोधार्थियों को हॉस्टल से भी निकाल दिया था। कांग्रेस ने भाजपा शासन पर ‘‘दलित-विरोधी एजेंडा और सोच’’ का आरोप लगाया है और कहा है कि रोहित की मौत की साजिश दत्तात्रेय, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और उनके एबीवीपी के लोगों ने जानबूझकर रची।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता आर. पी. एन. सिंह ने कल कहा था कि अब केंद्रीय मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और उनकी ओर से लिखा गया पत्र प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का उकसावा प्रतीत होता है। कांग्रेस दत्तात्रेय के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है और उनके ऐसा न करने पर प्रधानमंत्री को उन्हें बख्रास्त करना चाहिए।
इससे पहले हैदराबाद के सांसद और मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पडे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि रोहित की मौत से पता चलता है कि सरकार का रवैया बेरहम है। रोहित की मौत के पीछे संबंधित केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय का संबंध बताता है कि इनके दिल में लोगों के लिए रहम नाम की चीज नहीं है। वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने छात्र की कथित आत्महत्या में राजनीति होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आयोग इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा।
इस मामले में दिल्ली में अपने दफ्तर और आवास के बाहर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहीं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वह कोई राजनीतिक बयान नहीं देंगी। उन्होंने इस मामले में दखल देने से इंकार करते हुए कहा कि वैसे भी हम विवि के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। उन्होंने मृत छात्र के परिवार के दुख को साझा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार करेंगी।

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