मौत की सज़ा से पहले अपनी मां के नाम शैख़ निम्र का पत्र
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आयतुल्लाह शैख़ निम्र ने अपने मृत्युदंड की पुष्टि की ख़बर सुनने के बाद अपनी मां को लिखे पत्र में कहा था कि ईश्वर आपको शुभ सूचना दे।
उन्होंने अपने मृत्युदंड की पुष्टि का समाचार सुनने के बाद अपनी मां को इस पत्र में लिखा है कि मेरी धैर्यवान माता! हर स्थिति में मैं ईश्वर का आभार प्रकट करता हूॅं। ईश्वर ने हमारे लिए जो कुछ निर्धारित किया है उसपर आप भी शुक्र कीजिए। जो कुछ ईश्वर हमारे लिए निर्धारित करता है, वह उससे अच्छा होता है जो हम अपने लिए चाहते हैं। हम अपने लिए कुछ चाहते हैं और ईश्वर हमारे लिए कुछ चाहता है लेकिन ईश्वर हमारे लिए जिस चीज़ का चयन करता है वह अधिक अच्छी है।
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा है कि हर चीज़ महान ईश्वर के नियंत्रण में है और कोई भी उसकी मर्ज़ी के बिना एक क़दम भी नहीं उठा सकता। इसी प्रकार कोई भी चीज़ उसकी आंखों से ओझल नहीं रह सकती और कोई भी काम उसकी शक्ति के दायरे से बाहर नहीं है, यही चीज़ हमारे लिए काफ़ी है।
शैख़ निम्र ने अंत में अपनी माता को लिखा है कि मैं आपको ईश्वर के हवाले करता हूं और उससे चाहता हूं कि वह आपकी रक्षा करे। ईश्वर आपका और सभी का रक्षक हो।
आपका प्रिय, शैख़ निम्र अन्निम्र
उन्होंने अपने मृत्युदंड की पुष्टि का समाचार सुनने के बाद अपनी मां को इस पत्र में लिखा है कि मेरी धैर्यवान माता! हर स्थिति में मैं ईश्वर का आभार प्रकट करता हूॅं। ईश्वर ने हमारे लिए जो कुछ निर्धारित किया है उसपर आप भी शुक्र कीजिए। जो कुछ ईश्वर हमारे लिए निर्धारित करता है, वह उससे अच्छा होता है जो हम अपने लिए चाहते हैं। हम अपने लिए कुछ चाहते हैं और ईश्वर हमारे लिए कुछ चाहता है लेकिन ईश्वर हमारे लिए जिस चीज़ का चयन करता है वह अधिक अच्छी है।
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा है कि हर चीज़ महान ईश्वर के नियंत्रण में है और कोई भी उसकी मर्ज़ी के बिना एक क़दम भी नहीं उठा सकता। इसी प्रकार कोई भी चीज़ उसकी आंखों से ओझल नहीं रह सकती और कोई भी काम उसकी शक्ति के दायरे से बाहर नहीं है, यही चीज़ हमारे लिए काफ़ी है।
शैख़ निम्र ने अंत में अपनी माता को लिखा है कि मैं आपको ईश्वर के हवाले करता हूं और उससे चाहता हूं कि वह आपकी रक्षा करे। ईश्वर आपका और सभी का रक्षक हो।
आपका प्रिय, शैख़ निम्र अन्निम्र

