aajtaktimes

दाऊद ने भारत में पहले से ही बुक करवा ली है अपनी कब्र

दाऊद की मां तो बेटे के कदमों में तीन कसमों की बेड़ी डाल गईं। ये बात दीगर है कि दाऊद ने इन कसमों को नहीं निभाया, लेकिन दाऊद और उसकी मां का बेहद करीबी रिश्ता था। ये रिश्ता दाऊद की एक ख्वाहिश से साबित होता है। दाऊद चाहता था कि उसे अपनी मां के बगल में दफनाया जाए। शायद इसीलिए दाऊद के कुनबे ने दाऊद समेत तमाम लोगों की कब्र की एडवांस बुकिंग भी कर ली।
जी हां, ठीक समझा आपने दाऊद की कब्र पहले से बुक है। दाऊद इब्राहिम, वो इंसान जिसका परिवार भी है। उसकी बेटी माहरुख जिसे उसका उत्तराधिकारी माना जा रहा है। उसका बेटा मोइन, उसकी दो और बेटियां बेगम और महजबीन। दाऊद का कुनबा पाकिस्तान से लेकर दुबई तक फैला हुआ है, लेकिन दाऊद का एक कुनबा हिंदुस्तान में भी है। ये वो लोग हैं, जो डोंगरी के करीब स्थित एक बड़े कब्रिस्तान में दफन हैं।
दाऊद की मां की तीन कसमों की अहमियत इस कब्रिस्तान से समझी जा सकती है क्योंकि दाऊद की मां अमीना बी यहीं दफनाई गईं। जानकारों का कहना है कि दाऊद इब्राहिम अपनी मां अमीना बी के करीब ही दफन होना चाहता है। हालांकि, इसकी गुंजाइश कम ही है, क्योंकि दाऊद इब्राहिम भारत का भगोड़ा है। वो अंडरवर्ल्ड की काली दुनिया का बेताज बादशाह है और अगर भारत के हाथ आ गया तो उसकी कोई भी मर्जी नहीं चलने वाली।
बताया जा रहा है कि दाऊद इब्राहिम के कुनबे ने तीस साल पहले से ही डोंगरी के इस बड़े कब्रिस्तान में अपने सदस्यों की कब्र बुक करवा ली थी। ये भी बताया गया है कि दाऊद के कुनबे ने उस वक्त अपने लोगों के लिए दो गज जमीन की बुकिंग की खातिर 5 हजार रुपये पेशगी जमा भी करवा दिए थे। कहा जाता है कि ये पेशगी रकम 1982 में दी गई थी और तब से लेकर आजतक दाऊद के कुनबे की कब्र की बुकिंग बरकरार रखने के लिए हर साल एक रकम भी चुकाई जाती है। ताकि इस कुनबे के दफन लोगों का खास ध्यान रखा जाए।
बताया जाता है कि इसी कब्रिस्तान में दाऊद की मां अमीना बी दफनाई गईं। इसी कब्रिस्तान में दाऊद के पिता इब्राहिम भी दफन हैं। दाऊद का भाई शब्बीर जिसे 1981 में मुंबई के पठान गैंग ने मार दिया था, उसे भी यहीं जगह दी गई। दाऊद के बहनोई इब्राहिम पारकर भी यहीं दफनाए गए।
दिलचस्प बात ये है कि इस कुनबे की हसरत ये भी थी कि दाऊद के छोटे भाई नूरा को भी यहीं दफनाया जाए, नूरा की 2009 में पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, लेकिन उसे कराची में ही गुमनाम जगह दो गज जमीन मिली। दाऊद का भी यही अंजाम होगा। उसकी मौजूदगी को पाकिस्तान हमेशा ही नकारता रहा है, सो उसकी मौत को भी नकारा ही जाएगा। वो पाकिस्तान में है और अगर वहीं मारा गया तो उसे भी गुमनाम मौत ही मिलेगी। और शायद इसीलिए कहा जाता है कि दाऊद कभी मरेगा नहीं, मर भी गया तो डी कंपनी उसका नाम हमेशा जिंदा रखना चाहेगी।

Related

World 8395570257501707482

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item