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दो दिवसीय शिविर में योगियों ने बच्चों को बताया योग का गुर

जौनपुर। भारत की प्राचीनतम विद्या योग एक ऐसी सशक्त साधना के साथ चिकित्सा पद्धति है जिसका बचपन से ही बच्चों को क्रियात्मक एवं सैद्धांतिक अभ्यासों को कराकर उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हुये एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उक्त बातें पतंजलि योगपीठ एवं भारत स्वाभिमान की 21वीं वर्ष की स्थापना दिवस पर केपी पाण्डेय इण्टर कालेज जफराबाद में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर प्रबन्धक संजीव पाण्डेय ने कही। इस दौरान योग गुरू अचल हरिमूर्ति, डा. धु्रवराज व सभाराज आर्य ने बच्चों को क्रियात्मक अभ्यास कराते हुये प्राणायाम बताया। साथ ही उनके होने वाले लाभों को भी बताया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डा. शंकराचार्य तिवारी, शशिभूषण यादव, चन्द्रसेन यादव, शिवशंकर निर्मल, जितेन्द्र कुमार, गौरीशंकर, प्रभाकर मिश्रा, संदीप पाण्डेय, भवन तिवारी अरूण पाण्डेय, डा. रामजी चौरसिया, सुल्तान फात्मा, कहकशा आब्दी, बाल मुकुन्द सिंह, मनोज, विनय उपस्थित रहे।

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