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अब दो बीवी वाले भी बन सकेंगे उर्दू शिक्षक


लखनऊ।  मुस्लिम संगठनों के विरोध के चलते उत्तर प्रदेश सरकार  को अपने उस फैसले को वापस लेना पड़ा जिसमें एक से ज्यादा शादियां करने वाले उर्दू शिक्षकों को आवेदन के लिए अयोग्य ठहराया गया था। सरकार ने सफाई देते हुए यह भी कहा है कि कभी ऐसा कोई नियम लाया ही नहीं गया।

शुक्रवार को सरकार की ओर से कहा गया कि उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति पहले से चले आ रहे नियमों के आधार पर ही होगी, नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर अहमद हसन ने कहा कि सरकार के आदेश पर हस्ताक्षर करने के क्रम में मैंने आज पाया कि इसमें ऐसा कोई नियम नहीं है। इसलिए हमने इस ओर स्पष्टीकरण जारी किया। ये सपा सरकार को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार है।
उन्होंने आगे कहा कि जिस आधार पर 2013 में भर्तियां हुई थीं, उसी आधार पर भर्तियां हो रही हैं। हम लोग खुद हैरान हैं कि दो बीवियां होने पर आवेदन से अयोग्य ठहराने की बात कहां से उठी।

इससे पहले अखिलेश सरकार ने फरमान जारी किया था कि एक से ज्यादा बीवी रखने वाला शख्स उर्दू शिक्षक नहीं बन सकता। सरकार ने रिटायरमेंट के बाद पेंशन की दावेदारी को लेकर होने वाली अड़चन के मद्देनजर ऐसा किया है। पर मुसलिम संगठनों ने इस आदेश या शर्त को मुसलमानों के मजहबी हक पर हमला करार दिया था।

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