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लैंगिक भेदभाव भुलाकर समाज को देखने की जरूरत है: DM

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाये जाने के मद्देनजर डीआरडीए गॉधी सभागार में आज एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी अजय यादव ने किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि लैंगिक भेदभाव को भुलाकर समाज में लड़का एवं लड़की को समान नजरिये से देखने की जरूरत है, समाज की मानसिकता में बदलाव हेतु प्रयास किया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दो में सभी विशेषज्ञों को कहा कि आप सभी समाज के जिम्मेदार एवं उच्च शिक्षित लोग है जिन्हे लैंगिक अनुपात के बिगड़ने से होने वाली समस्याओं की पूरी जानकारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रवीन्द्र कुमार ने बताया कि शिशु लिंग अनुपात के घटने का एक प्रमुख कारण प्रसव पूर्व लिंग चयन एवं जॉच है। लगातार तकनीक के दुरूपयोग ने इस समस्या को व्यापक रूप दे दिया है। प्रसव पूर्व लिंग चयन एक दण्डनीय अपराध है। कार्यशाला का संचालन एवं व्यवस्था फाइलेरिया निरीक्षक केके गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यशाला में अपर, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डा जेता सिंह, डा0 एससी धूसिया, डा0 राजाराम, डा0 राजीव सिंह, डा0 हर्षवर्धन पन्त नोडल अधिकारी डा0 राजकुमार, समस्त अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सलाहाकार समिति के जमील अहमद, एपी शर्मा, चन्दप्रकाश वर्मा एवं अल्ट्रासाउण्ड सेन्टरो के चिकित्सकों, जिला चिकित्सालय, मेयो मेडिकल कालेज एवं हिन्द मेडिकल कालेज के चिकित्सक आदि मौजूद रहे।

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