किसानों को दिया खेती के गुरुमंत्र
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/blog-post_288.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जाड़े में तापमान कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने से केले के पौधों के गोभ नीचे से सड़ने की समस्या से परेशान किसानों को इसके इलाज के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ0एलएस यादव ने बताया कि केले के पौधों में इस रोग से बचाव हेतु कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत अथवा थायोफिनेट मिथाइल 70 प्रतिशत की 1 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से कीटनाशक मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत अथवा क्यूनालफास 25 प्रतिशत 1 लीटर मात्रा के साथ 400-500 लीटर पानी में घोलकर 10-15 दिन के अन्तराल पर 2 से 3 बार छिड़काव करना चाहिए। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि कृषि रक्षा रसायन 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि रक्षा ईकाईयों पर उपलब्ध है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नम्बर 9235629483 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
बाराबंकी। जाड़े में तापमान कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने से केले के पौधों के गोभ नीचे से सड़ने की समस्या से परेशान किसानों को इसके इलाज के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ0एलएस यादव ने बताया कि केले के पौधों में इस रोग से बचाव हेतु कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत अथवा थायोफिनेट मिथाइल 70 प्रतिशत की 1 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से कीटनाशक मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत अथवा क्यूनालफास 25 प्रतिशत 1 लीटर मात्रा के साथ 400-500 लीटर पानी में घोलकर 10-15 दिन के अन्तराल पर 2 से 3 बार छिड़काव करना चाहिए। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि कृषि रक्षा रसायन 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि रक्षा ईकाईयों पर उपलब्ध है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नम्बर 9235629483 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

