बाउली मंदिर ट्रस्ट के पुनः गठन की उठी मांग, DM को सौंपा ज्ञापन
https://husainijnp.blogspot.com/2016/01/dm_7.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। बाउली मंदिर बचाओ संघर्ष समिति’ के सदस्यों ने आज जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को ज्ञापन देकर बाउली मंदिर ट्रस्ट भंग कर जिला प्रशासन की निगरानी में नए ट्रस्ट बनाये जाने की मांग की। मोहल्ला पीरबटावान स्थित श्री ठाकुर जी महाराज बाउली मंदिर सवा सौ साल पुरानी ऐतिहासिक पुरातत्व की धरोहर है। उक्त धरोहर के कर्ताधर्ता की अनदेखी के कारण बाउली मंदिर खण्डहर में तब्दील हो रहा है। यही नहीं इस मंदिर में पूजा अर्चना हेतु, किसी तरह का कोई बन्दोबस्त नहीं है। इससे यह मान लेना उचित होगा कि, वर्तमान मंदिर प्रबंधन भक्ति भावना कि उपेक्षा के साथ लापरवाही कर रहा है तथा ऐतिहासिक धरोहर को बनाए रखने में विफल है। आम नागरिकों द्वारा समय-समय पर पूजा अर्चना व दर्शन का प्रयास किया गया। किन्तु मंदिर के कपाट व बाउली आदि बन्द है, वहां पर पूजा अर्चना आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। उक्त धरोहर प्रबन्धन की समीक्षा कर बदलाव किए जाने की जरूरत है। जिससे यह धरोहर आम जन के दर्शन हेतु सुलभ हो और ऐतिहासिक बाउली मंदिर खण्डहर होने से बचे व सुरक्षित रहे। बताया की वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी गत 30 वर्षों से मंदिर के विकास पर कोई ध्यान नही दिया जिसके फलस्वरूप मंदिर खंडहर के रूप में आ गया है। मंदिर की तमाम संपत्ति करीब 40 बीघा जमीन पर लोग कब्जा कर चुके है। ये जमीनें रामसनेहीघाट व् जंहागीरबाद में बताई जाती है। गत 20 वर्ष पूर्व मंदिर में अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थी, बरामद भी हुई लेकिन चोरों का आज तक पता नही चला। अब पूरा समाज बाउली मंदिर के साथ खड़ा हो गया है। इस मौके पर आम नागरिक विनय कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार श्रीवास्तव, डा0 नवनीत श्रीवास्तव, निर्मल कुमार जैन, आकाश निगम, रश्मि निगम, रागिनी निगम, हरिओम अमित कुमार, दिवाकर, अमरेश कुमार, अनुराग, आदि दर्जनों लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बाराबंकी। बाउली मंदिर बचाओ संघर्ष समिति’ के सदस्यों ने आज जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को ज्ञापन देकर बाउली मंदिर ट्रस्ट भंग कर जिला प्रशासन की निगरानी में नए ट्रस्ट बनाये जाने की मांग की। मोहल्ला पीरबटावान स्थित श्री ठाकुर जी महाराज बाउली मंदिर सवा सौ साल पुरानी ऐतिहासिक पुरातत्व की धरोहर है। उक्त धरोहर के कर्ताधर्ता की अनदेखी के कारण बाउली मंदिर खण्डहर में तब्दील हो रहा है। यही नहीं इस मंदिर में पूजा अर्चना हेतु, किसी तरह का कोई बन्दोबस्त नहीं है। इससे यह मान लेना उचित होगा कि, वर्तमान मंदिर प्रबंधन भक्ति भावना कि उपेक्षा के साथ लापरवाही कर रहा है तथा ऐतिहासिक धरोहर को बनाए रखने में विफल है। आम नागरिकों द्वारा समय-समय पर पूजा अर्चना व दर्शन का प्रयास किया गया। किन्तु मंदिर के कपाट व बाउली आदि बन्द है, वहां पर पूजा अर्चना आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। उक्त धरोहर प्रबन्धन की समीक्षा कर बदलाव किए जाने की जरूरत है। जिससे यह धरोहर आम जन के दर्शन हेतु सुलभ हो और ऐतिहासिक बाउली मंदिर खण्डहर होने से बचे व सुरक्षित रहे। बताया की वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी गत 30 वर्षों से मंदिर के विकास पर कोई ध्यान नही दिया जिसके फलस्वरूप मंदिर खंडहर के रूप में आ गया है। मंदिर की तमाम संपत्ति करीब 40 बीघा जमीन पर लोग कब्जा कर चुके है। ये जमीनें रामसनेहीघाट व् जंहागीरबाद में बताई जाती है। गत 20 वर्ष पूर्व मंदिर में अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थी, बरामद भी हुई लेकिन चोरों का आज तक पता नही चला। अब पूरा समाज बाउली मंदिर के साथ खड़ा हो गया है। इस मौके पर आम नागरिक विनय कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार श्रीवास्तव, डा0 नवनीत श्रीवास्तव, निर्मल कुमार जैन, आकाश निगम, रश्मि निगम, रागिनी निगम, हरिओम अमित कुमार, दिवाकर, अमरेश कुमार, अनुराग, आदि दर्जनों लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।

