25 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में उमड़ रही भारी भीड़
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जौनपुर। जाति, धर्म, मजहब व देश की सीमाओं की बन्धनों से मुक्त हो चुकी भारत की प्राचीनतम विद्या योग कब्ज से लेकर कैंसर तक का समाधान करने की क्षमता रखती है। इसके अतिरिक्त आज के युवाओं के लिये योग एक वरदान है जिसे नियमित और निरन्तर अपनाकर युवा अपने कुशल चरित्र का निर्माण करते हुये जीविकोपार्जन के साथ मानवता की सेवा में सहभागी बनकर स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उक्त बातें पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में नगर के टीडी इण्टर कालेज में चल रहे 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी एमके सिंह ने कही। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार व भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में चलाये जा रहे शिविर में योग का क्रियात्मक व सैद्धांतिक अभ्यासों को डा. केपी बोस व मनोज पटेल द्वारा कराया गया जिसमें प्रशिक्षुओं को योगिंक, जागिंग, सूर्य नमस्कार, दण्ड, आसनों, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, वाह्य प्राणायाम, अग्निसार, नौलिक्रिया, भ्रामरी, उद्गीथ प्राणायामों को कराते हुये उनसे मनःस्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को बताते हुये ध्यान व योग निद्रा का अभ्यास कराया गया। इस मौके पर जिला प्रभारी अचल हरिमूर्ति, शशिभूषण, प्रो. वीडी शर्मा, मोहन सिंह, सूबेदार मेजर जिले सिंह, डा. ध्रुवराज, मृदुला श्रीवास्तव, ममता भट्ट, अंजुम श्रीवास्तव, डा सुधांशू सिन्हा, लाल बहादुर, डा. हेमंत, डा. चन्द्रसेन, सिकन्दर, रामकुमार, राजेश, संतोष, विपिन, जगदीश मौजूद रहे।
