मजदूरी करके 9 वर्षीय बालक जन्म से अंधे माता-पिता की कर रहा सेवा
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जौनपुर। रामनगर ब्लाक के दीपापुर गांव में अत्यंत गरीब, बेसहारा एवं जन्म से अन्धे चन्द्रशेखर राजभर, उसकी अंधी पत्नी धनशीला, दो बेटी व एक बेटे पतरे के जर्जर घर में जिन्दगी गुजारने को विवश हैं। इनके साथ 9 वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार रहता है जो मजदूरी करके अपने अंधे माता-पिता के लिये खुद चुल्हे पर खाना बनाकर खिलाता है। इनकी दुर्दशा देखकर हर किसी का रूह कांप जाता है लेकिन शासन-प्रशासन शांत है जिस पर सरकार के इस उपेक्षापूर्ण रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ऐसे मे प्रताप फाउण्डेशन के चेयरमैन व भाजपा नेता विक्रम प्रताप सिंह ने उस गरीब परिवार को आजीवन वस्त्र देने का संकल्प लिया। साथ ही आह्वान किया कि सभी समाजसेवी आगे आकर इस गरीब परिवार का यथासंभव सहयोग करें। इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुये उन्होंने कहा कि प्रदेश की इस अन्धी-बहरी सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं है। इस समय बापू जी के 3 बन्दर वाली कहानी चल रही है। सरकार का कहना है कि बुरा मत देखो, जिलाधिकारी का कहना है कि बुरा मत सुनो और और प्रधान का कहना है कि बुरा मत कहो। इनके सिस्टम में गरीबी हटाओ नहीं है, बल्कि गरीबों को हटाओ है। श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र द्वारा गरीबों व किसानों के लिये चलायी गयी योजनाओं को भी सपा सरकार अमली जामा नहीं पहना रही है। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी भानु चन्द्र के पास यदि दुखियों की पीड़ा सुनने व देखने के लिये समय हो तो दीपापुर गांव आयें और जमीनी हकीकत अपनी आंख से देख उसका निस्तारण करें।

