135 व्यापारियों ने ग्रहण की सदस्यता
https://husainijnp.blogspot.com/2016/03/135.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की सदस्यता अभियान का चौथा
दिन भी सफल रहा 135 व्यापारियों ने ग्रहण की सदस्यता। अखिल भारतीय उद्योग
मण्डल के बाराबंकी की नगर ईकाई द्वारा चलाया जा रहा दस दिवसीय सदस्यता
अभियान का चौथा दिन भी सफल रहा। नगर अध्यक्ष सुजीत कुमार शाह जी के
नेतृत्व में चलाये जा रहे सदस्यता अभियान के चौथे दिन शहर के 135
व्यापारियों ने सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर स0 रिंकल शेखर वर्मा, विशाल
सिंह, मनीष तिवारी, संदीप सोनी, प्रीन्सू सोनी, सलमान सिद्दीकी, हर्षित
शुक्ला, मो0 ओवैस, कृष्ण कुमार रस्तोगी, मंयक जायसवाल, हर्षित शर्मा,
मुदित अस्थाना, आकाश श्रीवास्तव आदि लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
आम जनता की बस बात भर सभी पार्टियां करती हैं: यादव
बाराबंकी। गरीबवादी कल्याण सेवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राम सुरेश
यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि आज गरीबों, किसानों,
मजदूरों तथा आम जनता की बस बात भर सभी पार्टियां करती हैं। किसी भी
पार्टी प्रमुख को न तो इनके पत्रों व प्रार्थना पत्रों को छूने का समय है
और न ही इनसे मिलने का, देखना तो बहुत ही दूर-दूर की बात लेकिन भोली-भाली
गरीब आम जनता ऐन-केन प्राकरेण वोट कैसे हासिल हो, इसी की चिन्ता भर रहती
है, बस गरीबों से मिलने पर लोग अपने आपको बेईज्जत होना समझते हैं, लेकिन
वोट लेना कहां की इज्जत है गांव के बुजुर्ग बताया करते है, कि पहले के
जनप्रतिनिधि पढ़े लिखे जरूर नहीं होते थे लेकिन गरीब आम जनता का काम खूब
करते थे हर जगह उनके दुःख दर्द मुसीबत में खड़े मिलते थे आज जो सुनने व
देखने को मिल रहा है कभी ऐसा नहीं होता था आज तो प्रतिशत का दौर व बोल
बाला है चारो तरफ। श्री यादव ने गरीब आम जनता को सुझाव देते हुए बताया कि
गरीब आम जनता को चाहिए कि अपने हर जायज दुःख दर्द मुसीबत में सरीक होने
वाले जन प्रतिनिधि को 2017 के लिए अभी से चयनित करना शुरू कर दे भले ही
वह कम पढ़ा लिखा हो, गांव के बुजुर्ग आगे बताते हैं कि आज सभी सरकारें
प्रदेश व देश को शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाते हुए शिखर पर पहुंचाने के
लिए रात-दिन एक किए हुए हैं, सराहनीय कार्य व कदम है अपितु शिक्षा का
स्तर तो काफी सुधर रहा है लेकिन विचारणीय विषय यह है कि हर तरह के अपराध
कहां से कहां पहुंच रहे हैं। प्रदेश व देश के महान विद्वान,
बुद्धिजीवियों को गांव के बुजुर्गों के इस बिन्दु पर भी विचार व मंथन
करना चाहिए।
बाराबंकी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की सदस्यता अभियान का चौथा
दिन भी सफल रहा 135 व्यापारियों ने ग्रहण की सदस्यता। अखिल भारतीय उद्योग
मण्डल के बाराबंकी की नगर ईकाई द्वारा चलाया जा रहा दस दिवसीय सदस्यता
अभियान का चौथा दिन भी सफल रहा। नगर अध्यक्ष सुजीत कुमार शाह जी के
नेतृत्व में चलाये जा रहे सदस्यता अभियान के चौथे दिन शहर के 135
व्यापारियों ने सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर स0 रिंकल शेखर वर्मा, विशाल
सिंह, मनीष तिवारी, संदीप सोनी, प्रीन्सू सोनी, सलमान सिद्दीकी, हर्षित
शुक्ला, मो0 ओवैस, कृष्ण कुमार रस्तोगी, मंयक जायसवाल, हर्षित शर्मा,
मुदित अस्थाना, आकाश श्रीवास्तव आदि लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
आम जनता की बस बात भर सभी पार्टियां करती हैं: यादव
बाराबंकी। गरीबवादी कल्याण सेवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राम सुरेश
यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि आज गरीबों, किसानों,
मजदूरों तथा आम जनता की बस बात भर सभी पार्टियां करती हैं। किसी भी
पार्टी प्रमुख को न तो इनके पत्रों व प्रार्थना पत्रों को छूने का समय है
और न ही इनसे मिलने का, देखना तो बहुत ही दूर-दूर की बात लेकिन भोली-भाली
गरीब आम जनता ऐन-केन प्राकरेण वोट कैसे हासिल हो, इसी की चिन्ता भर रहती
है, बस गरीबों से मिलने पर लोग अपने आपको बेईज्जत होना समझते हैं, लेकिन
वोट लेना कहां की इज्जत है गांव के बुजुर्ग बताया करते है, कि पहले के
जनप्रतिनिधि पढ़े लिखे जरूर नहीं होते थे लेकिन गरीब आम जनता का काम खूब
करते थे हर जगह उनके दुःख दर्द मुसीबत में खड़े मिलते थे आज जो सुनने व
देखने को मिल रहा है कभी ऐसा नहीं होता था आज तो प्रतिशत का दौर व बोल
बाला है चारो तरफ। श्री यादव ने गरीब आम जनता को सुझाव देते हुए बताया कि
गरीब आम जनता को चाहिए कि अपने हर जायज दुःख दर्द मुसीबत में सरीक होने
वाले जन प्रतिनिधि को 2017 के लिए अभी से चयनित करना शुरू कर दे भले ही
वह कम पढ़ा लिखा हो, गांव के बुजुर्ग आगे बताते हैं कि आज सभी सरकारें
प्रदेश व देश को शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाते हुए शिखर पर पहुंचाने के
लिए रात-दिन एक किए हुए हैं, सराहनीय कार्य व कदम है अपितु शिक्षा का
स्तर तो काफी सुधर रहा है लेकिन विचारणीय विषय यह है कि हर तरह के अपराध
कहां से कहां पहुंच रहे हैं। प्रदेश व देश के महान विद्वान,
बुद्धिजीवियों को गांव के बुजुर्गों के इस बिन्दु पर भी विचार व मंथन
करना चाहिए।

