जुएं की लत बनी फैयाज की हत्या का कारण
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जुएं की लत ने हत्या की साजिश को अंजाम तक पहुंचाते हुये अपने
ही साथी को मौत के घाट उतार दिया। नगर के शुगर मिल के बाजार के पास
खण्डहर कोठरी में मिली अज्ञात युवक की लाश की शिनाख्त फैयाज के रुप में
हुई थी। पुलिस ने शव के पास से बरामद सामानों को कब्जे में कर तहकीकात
शुरु कर दी। इस नृशंस हत्याकाण्ड की तहकीकात करते हुये पुलिस ने फैयाज के
साथियों की तलाश शुरु की। जिसमें फैयाज के साथी मो. सद्दाम पुत्र मो.
नियाज, नूरआलम पुत्र हसमत अली एवं मुनीम अरखवंशी पुत्र स्व. राजेन्द्र
अरखवंशी को नगर कोतवाली के बड़ेल चौकी स्थित बालू मण्डी से पकड़ा। जिनसे
कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होने अपना जुर्म कबूल किया। हत्या में शामिल
मुख्य अभियुक्त सद्दाम ने बताया कि फैयाज जुआंरी था जिससे कुछ दिन पूर्व
50 हजार रुपये जुएं में हारने के बाद उसकी हत्या की योजना अपने साथी
नूरआलम और मुनीम के साथ मिलकर बनायी। जुआं खेलने के बहाने बुलाकर उसकी
हत्या कर दी और मृतक फैयाज के पास मिले 70 हजार रुपये आपस में बांट लिये।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने तीनो अभियुक्तों के विरुद्ध हत्या के आरोप में
मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। पकड़े गये अभियुक्तों के पास से पुलिस ने
70 हजार रुपये, सेन्टरो कार तथा खून से लथपत कपड़े बरामद की। वहीं इस पूरे
घटनाक्रम की तहकीकात करने वाले पुलिस टीम के सदस्य नगर कोतवाली प्रभारी
रवीन्द्र सिंह, सुनील कुमार सिंह, रामनयन सिंह, एनामुल हक, फतेह बहादुर
वर्मा, शमीम अख्तर को पुलिस कप्तान ने पांच हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र
देकर सम्मानित किया।
