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दो दिवसीय शिविर में योग गुरू ने शिविरार्थियों को सिखाया गुर

जौनपुर। शिक्षक किसी भी राष्ट्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित करने का सबसे सशक्त माध्यम होता है, इसलिये भारत की प्राचीनतम विद्या योग को शिक्षकों के माध्यम से बचपन से ही बच्चों तक पहुंचाकर स्वस्थ समाज के साथ बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। उक्त बातें ब्लाक संसाधन केन्द्र महाराजगंज में शिक्षकों हेतु आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर में खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री गुलाब चन्द्र ने कही। इसी क्रम में योग के क्रियात्मक अभ्यासों को जिला प्रभारी अचल हरिमूर्ति ने बताया कि एक घण्टा देह को और एक घण्टा देश को देकर मां भारती के गौरव को गौरवान्वित किया जा सकता है। क्रियात्मक अभ्यासों के क्रम में शिक्षकों को योगिक जागिंग, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, मकरासन, भुजंगासन, मर्कटासनों सहित भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, वाह्य प्राणायाम, अग्निसार, नौलिक्रिया, भ्रामरी व उद्गीथ प्राणायामों का अभ्यास कराते हुये ध्यान व योग निद्रा का अभ्यास कराते हुये उनसे मनःस्थिति स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को भी बताया गया। इस अवसर पर समन्वयक उमानाथ यादव, यदुवंश तिवारी, चन्द्र प्रकाश मिश्रा, अनिल यादव, केशव सिंह, राय साहब यादव के अलावा तमाम लोग मौजूद रहे।

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