दाह संस्कार से पहले चलने लगी सांस, लेकिन फिर हो गई मौत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/03/blog-post_663.html
करौली | श्मशान में दाह संस्कार से ऐन पहले पुन: सांस चलती प्रतीत होने पर परिजन शव को उठा चिकित्सालय ले आए। चिकित्सकों ने आपात इकाई में ईसीजी जांच की तो उसे मृत ही पाया। इसके बाद परिजन शव को फिर श्मशान लेकर पहुंचे और अंत्येष्टि की। मृत व्यक्ति के जीवित होने की सूचना फैलते ही चिकित्सालय में भीड़ लग गई।
सीलोती पुरा निवासी अशोक अग्रवाल (50) पुत्र संतोष अग्रवाल को शनिवार सुबह 3 बजे हृदयाघात हो गया। परिजन अशोक को लेकर चिकित्सालय पहुंचे जहां इमरजेंसी ड्यूटी डॉ. ए.एस. मीणा ने उसे मृत बताया। परिजन संतुष्टि के लिए करौली जिला चिकित्सालय ले गए।
जहां चिकित्सकों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया। सुबह 9.30 बजे श्मशान में चबूतरे पर अर्थी में रखे शव की नाक व मुंह से बुलबुले उठने से लोगों को पुन: सांस चलना प्रतीत हुआ। इस पर लोग एम्बुलेंस बुला तुरत फुरत शव को चिकित्सालय ले गए। जहां डॉ. अजय गुप्ता ने ईसीजी जांच की और शव में सांस चलने व धड़कन लौटना नहीं पाया।
अंत्येष्टि में गए लोग इसे ईश्वीय कृपा मान श्मशान में ही बैठे रहे। करीब आधे घंटे बाद शव को लेकर फिर से श्मशान पहुंचे व अंत्येष्टि की। चिकित्सकों के अनुसार शव के पेट से हवा निकलने से नाक मुंह में द्रव के बुलबुलेे से लोगों को सांस चलना प्रतीत हुआ था।
अंत्येष्टि के लिए अर्थी निकलते ही अशोक के घर में कोहराम मच गया। करीब एक घंटे बाद श्मशान में मौजूद लोगों ने शव में सांस चलने की घर पर सूचना कर दी। इस पर विलाप कर रहीं महिलाएं शांत हो गई और घर का माहौल भक्तिमय हो गया, लेकिन आधे घंटे बाद फिर से शव में सांसें नहीं होने के संदेश से फिर से रुलाई फूट पड़ी। मृतक अशोक अग्रवाल टीकाकुण्ड हनुमान मंदिर के सामने किराने की दुकान करता था।

