बैंक मैनेजर व गार्ड पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश
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जौनपुर। कैलाशनाथ निवासी उमरपुर थाना शहर कोतवाली ने अधिवक्ता बृजेश निषाद के माध्यम से न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत बैंक मैनेजर व गार्ड के खिलाफ दरखास्त दिया कि 25 अप्रैल 2015 को सात लाइन बाजार थानान्तर्गत जेसीज चौराहा के निकट एचडीएफसी बैंक के एटीएम में अपने बैलेंस की जानकारी के लिये अपना कार्ड लगाया। बैलेंस की जानकारी की रसीद निकली जिसके अनुसार बैलेंस 77390 रूपये थे लेकिन मेरा कार्ड मशीन में फंस जाने से काफी इन्तजार के बाद भी किसी कारणवश नहीं निकला। इसकी जानकारी एटीएम के पास मौजूद गार्ड अजय सिंह को दिया। अगले दिन रविवार था जिस पर उसने सोमवार को बुलाया। जब सोमवार को पहुंचा तो बैंक कर्मचारी ने कहा कि कोई कार्ड नहीं मिला। पुनः जब बैंक से अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें मात्र 160 रूपये बचे थे। गार्ड द्वारा सारे रूपये निकाल लिये गये थे। बैंक मैनेजर व कर्मचारियों से पूछे जाने पर वे हीला-हवाली करने लगे। मामले की सच्चाई सीसीटीवी में भी जान-बूझकर नहीं देखी गयी। इतना ही नहीं, मुझे गाली देकर भगा दिया गया। बैंक वालों की मिलीभगत से मेरे साथ फ्राड करके रूपया निकाल लिया गया। इसको गम्भीरता से लेते हुये कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला पाया जिस पर लाइन बाजार थाने को आदेश दिया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करें।

