तैनाती से ही सुर्खियों में रही बीएसए परमहंस सिंह यादव की कार्यप्रणाली
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जौनपुर । जिले में तैनाती से ही जिला बेसिक अधिकारी परमहंस सिंह यादव की कार्य प्रणाली सुर्खियों में रही। अगर शिक्षा महकमे के कामकाज की गंभीरता से जांच हुई तो कई अधिकारियों व कर्मचारियों की गर्दन नप सकती। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर गाज गिरने के बाद शिक्षा महकमे सहित कुछ अन्य विभागों के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। हालांकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्य प्रणाली जिस प्रकार की थी उन पर तो एक न एक दिन गाज गिरना तय था। उन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ ऐसे हैरत अंगेज कार्य किए जिसकी भनक शासन स्तर तक हुई। यह कार्रवार्ई तो उनके खिलाफ बहुत पहले हो जाती लेकिन वह शिक्षकों व कर्मचारियों पर अपनी पकड़ शासन स्तर से होने की बात कह करके यह साबित करने की कोशिश की कि कोई कितना भी शिकायत करें लेकिन मेरे खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकती है। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री के पास कई शिकायतें गई लेकिन उसे दर अंदाज कर दिया गया इससे शिक्षक व कर्मचारी भी यह मान लिए थे कि इनके खिलाफ कार्रवाई होना संभव नहीं लग रहा है। ऐसे में संबंधिक अधिकारी द्वारा कुछ ऐसे कार्य किए गए जिसकी महक आज तक नहीं जा रही है। विभाग के मंत्री के बदलते ही उनकी कार्यप्रणाली की असलियत की पता शासन स्तर तक हो गया। सूत्रों की मानें तो जिलाधिकारी की रिपोर्ट भी इनेक खिलाफ थी और शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से शासन से संबंद्ध कर दिया है। सूत्रो ंकी माने तो जिला बेसिक अधिकारी अपना स्थानांतरण रोकवाने के लिए शासन स्तर पर लगे लेकिन बात बनती नजर नहीं आ रही है। मृतक आश्रित की नौकरी में भी जमकर वसूली हुई। अगर इस मामले की गंभीरता से जांच हुई तो शिक्षा महकमे के कई अधिकारियों व कर्मचारियों की गर्दन नप सकती है। बताते चले सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक वकार हुसैन ने भी राज्यपाल से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की शिकायत करने के साथ-साथ स्टिंग आपरेशन की सीडी भी भेजी थी। राज्यपाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते शासन से जांच करवाने का निर्देश दिया था जिस पर शासन ने एडी वाराणसी को जांच करने का आदेश दिया। उस समय ही इनका स्थानांतरण हो जाता लेकिन जुगाड़ के चलते वह अपनी कुर्सी पर बने रहे लेकिन मंत्री के बदलते ही उनकी कार्य प्रणाली की असलियत का पता विभाग के आला अधिकारियों व मंत्री को हो गई। बड़े मजे की बात तो यह है कि बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने बीएसए को अपनी कार्य प्रणाली में सुधार की हिदायत दी थी लेकिन उनके कार्य प्रणाली में सुधार नहीं हुआ और शिकायतों की पुलिंदा बढ़ता गया। आखिरकार बेसिक शिक्षा मंत्री उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें शासन मुख्यालय से संबंद्ध कर दिया।

