DM ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का किया उद्घाटन
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिलाधिकारी अजय यादव की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक
दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पशु पालन विभाग द्वारा किया गया। जिलाधिकारी
ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद््घाटन किया। उन्होने कहा कि गो
वंशीय पशुओं हेतु अपनायी जाने वाली इस तकनीक से पशुपालकों को मादा पशुओं
से अपेक्षाकृत कम समय में ज्यादा बछिया पैदा होगी और दुग्ध उत्पादन में
बढ़ोत्तरी के साथ ही पशुपालकों की स्थिति सुदृढ़ होगी। मुख्य विकास अधिकारी
ऋषिरेन्द्र कुमार ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोवंशीय नर
पशुओं की उपयोगिता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दुनिया में हर तरह की
विकसित तकनीक को दूसरे क्षेत्रों में भी अपनाये जाने में सूचना तकनीक से
काफी सुविधा हुई है। दुनिया के किसी कोने पर भी विकसित तकनीक का त्वरित
प्रचार-प्रसार हो रहा है। गोवंशीय पशुओं में वर्गीकृत वीर्य की तकनीक से
पशु पालक को काफी फायदा होगा। उन्होने कहा कि गोवंशीय नर पशु लोगों के
लिए समस्या के रूप में है, जिसके विकल्प के रूप में इस तकनीक से भविष्य
में नर गोवंशीय पशुओं की समस्या से राहत मिल सकेगी। इस अवसर पर जिला
विकास अधिकारी एके सिंह, डी एसटी ओ डॉ विनोद सिंह, सभी डिप्टी सीवीओ और
पशु चिकित्साधिकारी, प्रगतिशील किसान राम किशोर पटेल, देवशरण सिंह एवं
अन्य अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला का संचालन सगीर नूरी ने किया।
तीन जनपदों में होगा पशुओं की टैगिंग
बाराबंकी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कार्यशाला में बताया कि उ.प्र.
पशुधन विकास परिसर लखनऊ के सहयोग से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के
अन्तर्गत प्रदेश के तीन जनपद बाराबंकी, लखीमपुरखीरा और इटावा को शामिल
किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत पशुपालकों के आनुवांशिक गुणवत्ता
युक्त गोवंशीय पशुओं का चयन किया जायेगा और इन पशुओं की टैगिंग भी करायी
जायेगी। इन मादा पशुओं के प्रजनन हेतु ऐसे वीर्य से गर्भित कराया जायेगा,
जिसके फलस्वरूप उस मादा पशु से बछिया पैदा होने की सम्भावना ज्यादा
रहेगी। इस कार्यक्रम में आच्छादित गोवंशीय पशुओं में निःशुल्क गर्भाधान
किया जायेगा।
