सम्पूर्ण स्वच्छता, जनपद स्तरीय कार्याशाला का आयोजन
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बाराबंकी। ग्राम पंचायतों की खुले में शौचमुक्त की परिकल्पना को साकार करने हेतु सीएलटीएस समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता की जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन डीआरडीए गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में जिला परियोजना समन्वयक मनीष कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि सीएलटीएस एक विधा है, जिसके द्वारा खुले में शौच जाने वाले लोगों में शर्म एवं घृणा का भाव पैदा किया जाता है। जिससे समुदाय स्वयं प्रेरित होकर बिना किसी शासकीय अनुदान के स्थानीय एवं उपलब्ध सामग्री से ही शौचालय का निर्माण कराता है। कार्यशाला में रिसोर्स परसन के रूप में आमंत्रित राज्य स्तरीय स्वच्छता एवं सीएलटीएस विशेषज्ञ के रूप में विवेक गंगवार को आमंत्रित किया गया, जिनके द्वारा विस्तारपूर्वक सीएलटीएस विधा के विभिन्न चरणो के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। विवेक गंगवार द्वारा बताया गया कि किस प्रकार खुले में शौच जाने के कारण पेयजल प्रदूषित हो रहा है एवं विभिन्न माध्यमों से मल का खाद्य अथवा पेय पदार्थो में मिश्रण हो रहा है, जिससे हम जाने अनजाने अनेक बीमारियों के शिकार होते है एवं नये तथ्य सामने आये है कि पैदा होने वाले बच्चे की ऊंचाई व लम्बाई पर भी कुप्रभाव पड़ रहा है एवं बच्चे नाटे पैदा हो रहे है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित समस्त सहायक विकास अधिकारी(पं0) को प्रत्येक विकास खण्ड से दो-दो ग्राम खुले में शौचमुक्त हेतु चिन्हित करते हुए सीएलटीएस विधा के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हुए दिनांक 15 अगस्त, 2016 तक खुले में 32 ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य दिया गया। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अभियंता, जल निगम, खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर तथा स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के अन्तर्गत विकास खण्डों में कार्यरत खण्ड प्रेरक उपस्थित थे।

