
जौनपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा कुलदेवता भगवान चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव पर जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव के आवास पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ जहां सर्वप्रथम भगवान जी के चित्र पर माल्यार्पण हुआ जिसके बाद केक काटकर जयघोष किये गये। तत्पश्चात् जिलाध्यक्ष श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त से उत्पन्न हम कायस्थ कुल की आजीविका का साधन नौकरी व कलम-दवात है जिसका अभीष्ट शिक्षा व लक्ष्य केवल पठन-पाठन है परन्तु अब हमें हर दिशा व क्षेत्र में आगे आना होगा तभी सर्वांगण विकास संभव है। इसी क्रम में महिला शाखा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती किरन श्रीवास्तव ने चित्रगुप्त जयंती की बधाई देते हुये कहा कि चित्रगुप्त के नाम पर ही हिन्दी नव वर्ष में प्रथम माह का नाम चैत्र पड़ा है, क्योंकि चित्रगुप्त का उदय इसी माह में ब्रह्म की काया से हुआ था। इसके अलावा युवा जिलाध्यक्ष संजय अस्थाना ने कहा कि चित्रगुप्त यमराज के परस्पर सहयोगी व निकटतम हैं। उनके वंशजों को सर्वथा अभयदान मिलना चाहिये था किन्तु आज इस धरा पर सर्वाधिक कुण्ठित व अनागत के भय से ग्रस्त हैं। निरपेक्ष एवं निष्पक्ष होकर कार्य सम्पादन करने वाली जाति आज हासिये पर खड़ी है। ऐसे में युवाओं की विशेष जिम्मेदारी है कि कायस्थ समाज की अस्मिता के लिये आगे आयें। इस अवसर पर विजय अस्थाना, रवि श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, श्याम रतन श्रीवास्तव, जय आनन्द, अजय आनन्द, सरोज श्रीवास्तव, सुधीर अस्थाना, अमित निगम, विजय श्रीवास्तव, डा. रंजीत श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, मिलन श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव, दयाशंकर निगम सहित तमाम स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महासचिव सुरेश अस्थाना ने किया।