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सरकार की मंशा हो रही तार-तार

 बाराबंकी। समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की 108 इमरजेंसी एम्बूलेंस सेवा मरीजो के लिए छलावा साबित हो रही है एम्बूलेंस पर मौजूद एमटी व चालको की मनमानी का शिकार मरीज हो रहे है। सूचना के बाद भी समय से न पहुंचा व मरीजो को एम्बूलेंस में मौजूद उपचार सामग्रियों को न देना आम बात हो गई है। सरकार द्वारा मरीजों को इमरजेंसी में तत्काल उपचार मुहैया कराने के उद्देश्य से समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की 108 इमरजेंसी एम्बूलेंस को हर ब्लाक स्तर पर मुहैया कराया। सरकार की मंशा थी कि दुर्घटना व इमरजेंसी पडने पर मरीज को तत्काल उपचार न मिलने पर कई लोगो की मौते हो जाती है। इसी को गम्भीरता से लेते हुए 108 एम्बूलेंस को ब्लाक स्तर पर उपलब्ध करवाया जिससे जहां सडक दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल मरीजो को मात्र एक फोन काल पर एम्बूलंेस पहुंचेगी और घायल को तत्काल उपचार मिल जायेगा। जिससे उसकी जान बच सकती है। यही नही प्रशव पीडित महिलाओं को स्थानीय सरकारी अस्पताल पर प्रशव होने की दशा में एक फोन पर तत्तकाल ले जायेगी। पहले तो 108 की ही सुबिधा प्रशव पीडित महिलाओं के लिए थी लेकिन बाद में 102 एम्बूलेंस सरकार द्वारा चलवाई गई जो मात्र प्रशव पीडित महिलाओं के लिए ही है।वर्तमान समय में समाजवादी की 108 एम्बूलेंस सेवा चालक व एमटी की मनमानी की भेंट चढकर रह गई है जो सरकार की मंशा तार तार कर ही है। गुरूवार को नेवली असन्द्रा निवासी उदयराज यादव की पत्नी को प्रशव पीडा हुई वह अपने पत्नी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनीकोडर ले गये जहां पर अस्पताल के स्टाफ ने प्रशव कराने का प्रयास किया लेकिन बच्चा आधा फंसा होने की दशा में प्रशव नही हो सका जिसके बाद एम्बूलंेस को इमरजेंसी पडने पर फोन किया गया। बनीकोडर में एम्बूलेंस मौजूद होने के बाद भी सिद्वौर की एम्बूलेंस को आने के लिए कहा गया जबकि डा. ने फोन पर बताया कि अस्पताल में एक एम्बूलेंस पहले से ही खडी है फिर भी एक न सुनी गई। इसी प्रकार बुधवार को टडिया गांव में सडक दुर्घटना में दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये सूचना पर काफी देर बाद एम्बूलेंस पहुंची और एमटी व चालक ने केवल एक घायल हो ही एम्बूलेंस पर ले जाने की हठ ठान ली जब ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया तो मौके की नजाकत को फांप कर दोनो घायलो को सीएचसी पहुंचाय गया। इसी प्रकार अभी हाल ही में दरियाबाद मार्ग पर गोकुला गांव के पास एक बुलेरो जीप पलट गई जिसमें करीब आधा दर्जन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये सूचना के बाद करीब 45 मिनट बाद एम्बूलेंस पहुंची और तमाम मिन्नतो के बाद सभी घायलो को सीएचसी पहुंचाया गया। अगर चर्चाआंे पर गौर किया जाय तो प्रशव पीडित महिलाओं को लाने ले जाने के लिए भी शुल्क वसूला जाता है जिसका मामला मथुरानगर दरियाबाद में अभी थोडे ही दिन पहले प्रकाश में आया था। कुल मिलाकर समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की 108 इमरजेंसी एम्बूलेंस सेवा बनीकोडर में चालक व एमटी की मनमानी की भेंट चढती जा रही है।

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