ईंधन के लिए मारे मारे फिर रहे सीएनजी वाहन
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। सीएनजी (गैस) धारी चारपहिया वाहन स्वामियों को जटिल समस्या के
दौर से गुजरना पड़ रहा है। वाहन स्वामियों को ईंधन के लिए 20 किमी. की
दूरी तय करने मे बेवजह का खर्च वहन करना पड़ रहा है। शहर के चौपहिया वाहन
स्वामियों को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित गैस पम्प पर लम्बी कतारो से दूर चार
होना पड़ रहा है, वहीं आधा अधूरा ईंधन मिलता है। टैंक फुल न होने के कारण
वाहन स्वामियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ जाता है। नगर के मोहल्ला
लखपेड़ाबाग निवासी राजेश तिवारी ने बताया कि सी.एन.जी. वाहन होने से काफी
दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। टैक्स चुकाने के बाद शहर में एक भी
सी.एन.जी. रिफिल पम्प उपलब्ध नही है। सिविल लाइन्स निवासी श्रीमती रंजना
श्रीवास्तव ने बताया कि अक्टूबर माह 2011 में लखनऊ मार्ग रामस्वरूप
इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप बाईड सोसम का उद्घाटन हुआ। किन्तु अब तक सरकार
चुप्पी साधे है, और शहर में सी.एन.जी.गैस टंकी न होने के कारण हम
नगरवासियों का भारी दुश्वारियों से जूझना नसीब बना है। राजधानी से सटे
बाराबंकी जिले का यह हाल है तो और जनपदों का हाल सहज अनुमान लगाया जा
सकता है। पेट्रोल पम्प मालिक व राष्ट्रीय लोकदल नेता शिवकरन सिंह ने
बताया कि सी.एन.जी. गैस चौपहिया वाहन स्वामियों को काफी टैक्स चुकाना
पड़ता है, फिर राज्य सरकार उन्हें सुविधा को लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
श्री सिंह ने विश्वास जताया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही
बाराबंकी में ग्रीन गैस व सीएनजी गैस की टंकी का निर्माण होगा। तभी
समस्या का निजात होगा।

