...तो अब अपराधों में भी महिलाएं पुरुषों से आगे, देखें रिपोर्ट
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महिलाएं पुरुषों से आगे निकल रही हैं, अमूमन ऐसी सुर्खियां सुनाई और दिखाई देती हैं, लेकिन मायानगरी में महिलाएं अपराधों में भी पुरुषों से आगे निकल रही हैं। ये हम नहीं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आकड़़े बयां कर रहे हैं। मुंबई में साल 2013 में 3115 महिला अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। साल 2014 में ये संख्या बढ़कर 3834 हो गई। यानी महिला अपराधियों में 23.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं पुरुष अपराधियों की संख्या में 22.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही। मसलन, बीते वर्षों में महिला अपराधियों की तादात में पुरुष अपराधियों के मुकाबले इजाफा हुआ है। वहीं 2012 से 2014 के बीच कुल 9487 महिलाएं चोरी, पीछा करने, धोखाधड़ी, गंभीर चोट पहुंचाने, छेड़छाड़ और अपहरण आदी मामलों में गिरफ्तार की गईं। वहीं तकरीबन ऐसे ही अपराधों में 1 लाख 2 हजार 80 पुरुष अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। अपराधों की प्रकृति में मामूली अंतर देखा गया। पुरुष अपराधियों में वे लोग भी शामिल है जिन पर गुर्डागर्दी, डकैती और हत्याओं को अंजाम देने के आरोप लगेvvvv

