दिल्ली पुलिस के दस्ते में मेरठ आरवीसी के डॉग
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दिल्ली के इंडिया गेट परिसर में परेड के दौरान जवानों के साथ आरवीसी के डॉग
मेरठ स्थित सेना के रिमाउंट वेटनरी कोर (आरवीसी) से प्रशिक्षित रिट्रिवर नस्ल के 30 लैब्राडोर को दिल्ली पुलिस के डॉग स्क्वॉयड दस्ते में शामिल किया गया है। सोमवार शाम इंडिया गेट के लॉन में आयोजित एक समारोह में डॉग ने अपने हुनर दिखाए। कार्यक्रम में उपराज्यपाल नजीब जंग, दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
वर्ष-2010 में राजधानी में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 70 डॉग को प्रशिक्षित कर डॉग स्क्वॉयड दस्ते में शामिल किया गया था। उस समय दिल्ली पुलिस के पास सौ प्रशिक्षित डॉग थे। पुराने डॉग के सेवानिवृत्त होने और कुछ की प्राकृतिक मौत के बाद इसकी संख्या घटकर 30 रह गई थी। अब 30 लैब्राडोर के शामिल होने से दस्ते में डॉग की संख्या 60 हो गई है। इनमें से 45 को विस्फोटक सूंघने तो 15 को साक्ष्य ढूंढ़ने में महारत हासिल है।
दिल्ली पुलिस ने 18 मार्च को आरवीसी मेरठ से प्रशिक्षित ये डॉग लिये थे।
दस्ते में शामिल डॉग से घुलने-मिलने के उद्देश्य से पुलिस के डॉग हैंडलर्स ने पांच दिन पुराने हैंडलर्स के साथ बिताए। ये डॉग अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, ट्रेड फेयर, व्यस्त बाजारों, प्रमुख समाधियों, प्रमुख मंदिरों और अन्य बड़े आयोजनों में विस्फोटकों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ये भारत-पाक के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस की नियमित जांच करते हैं। अपने काम में हासिल है महारत
रिक्की, मेसी, मन्नत और प्लेड ये नाम हैं दिल्ली पुलिस में शामिल हुए लैब्राडोर डॉग के। इनकी खासियत के बारे में हैंडलर विद्या सागर ने बताया कि अभी 10 दिन पहले ही वे इनसे जुड़े हैं। 10 दिन में ही डॉग ने उनके इशारे पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि इनमें से सबसे तेज कौन है, लेकिन इन्हें जिनकी महारत हासिल है, उसे बखूबी अंजाम देते हैं।
मेरठ स्थित सेना के रिमाउंट वेटनरी कोर (आरवीसी) से प्रशिक्षित रिट्रिवर नस्ल के 30 लैब्राडोर को दिल्ली पुलिस के डॉग स्क्वॉयड दस्ते में शामिल किया गया है। सोमवार शाम इंडिया गेट के लॉन में आयोजित एक समारोह में डॉग ने अपने हुनर दिखाए। कार्यक्रम में उपराज्यपाल नजीब जंग, दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
वर्ष-2010 में राजधानी में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 70 डॉग को प्रशिक्षित कर डॉग स्क्वॉयड दस्ते में शामिल किया गया था। उस समय दिल्ली पुलिस के पास सौ प्रशिक्षित डॉग थे। पुराने डॉग के सेवानिवृत्त होने और कुछ की प्राकृतिक मौत के बाद इसकी संख्या घटकर 30 रह गई थी। अब 30 लैब्राडोर के शामिल होने से दस्ते में डॉग की संख्या 60 हो गई है। इनमें से 45 को विस्फोटक सूंघने तो 15 को साक्ष्य ढूंढ़ने में महारत हासिल है।
दिल्ली पुलिस ने 18 मार्च को आरवीसी मेरठ से प्रशिक्षित ये डॉग लिये थे।
दस्ते में शामिल डॉग से घुलने-मिलने के उद्देश्य से पुलिस के डॉग हैंडलर्स ने पांच दिन पुराने हैंडलर्स के साथ बिताए। ये डॉग अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, ट्रेड फेयर, व्यस्त बाजारों, प्रमुख समाधियों, प्रमुख मंदिरों और अन्य बड़े आयोजनों में विस्फोटकों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ये भारत-पाक के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस की नियमित जांच करते हैं। अपने काम में हासिल है महारत
रिक्की, मेसी, मन्नत और प्लेड ये नाम हैं दिल्ली पुलिस में शामिल हुए लैब्राडोर डॉग के। इनकी खासियत के बारे में हैंडलर विद्या सागर ने बताया कि अभी 10 दिन पहले ही वे इनसे जुड़े हैं। 10 दिन में ही डॉग ने उनके इशारे पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि इनमें से सबसे तेज कौन है, लेकिन इन्हें जिनकी महारत हासिल है, उसे बखूबी अंजाम देते हैं।

