गाजीपुर कचहरी में पेशी पर आए कैदी को मारी गोली
गाजीपुर । जेल से कोर्ट में पेशी पर आए बंदी चंदन सिंह को बदमाशों ने आज कचहरी परिसर में गोली मार दी। साथ के सिपाही सुरेश प्रताप ने एक बदमाश को दबोच लिया लेकिन वहां मौजूद भीड़ व अधिवक्ताओं ने सिपाही को ही पीटना शुरू कर दिया। मौका पाकर बदमाश भाग निकला। हालांकि उसका एक तमंचा सिपाही के हाथ में रह गया।
घटनास्थल पर गाजीपुर पुलिस अधीक्षक रामकिशोर वर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे तो अधिवक्ता उनसे भी भिड़ गए। आधे घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। घायल बंदी को जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया गया।सात मई वर्ष 2015 की रात सुहवल थाना क्षेत्र के सोनवल गांव के पूर्व ग्राम प्रधान गुप्तेश्वर के पौत्र विशाल उर्फ गोलू की बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। तीन दिन बाद पुलिस ने एक युवती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें चंदन सिंह भी था। चंदन ने खुद को नाबालिग बताते हुए हाईस्कूल का प्रमाणपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस आधार पर उसे कोर्ट ने जमानत दे दी। इस जानकारी पर वादी गुप्तेश्वर सिंह ने चंदन का असली प्रमाणपत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। जांच-पड़ताल में पूर्व में प्रस्तुत प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया तो कोर्ट ने चंदन पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। इसी मामले में चंदन सिंह की सीजेएम कोर्ट में पेशी थी। उसके साथ पांच बंदी पेशी पर आए थे। बंदियों को लाने वाले सिपाही सुरेश प्रताप ने बताया कि वह जैसे ही कोर्ट परिसर के बाहर निकले तो दो बदमाशों ने चंदन को ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं।
