सब इंस्पेक्टर अख्तर खान को उसी की पिस्टल से मारी गई गोली
लखनऊ। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाने से 400 मीटर दूर नई आबादी में हुई दारोगा अख्तर खान की हत्या उन्हीं की सरकारी पिस्टल से की गई थी। दरवाजा खोलते ही बदमाशों ने दारोगा को अंदर घसीटते हुए पिस्टल छीनी और सामने से गोली मारी थी। फायरिंग होते ही दारोगा के साथ आये पुलिसकर्मी भाग गए। बदमाश दारोगा को ढाल बनाकर भागने की फिराक में थे, लेकिन लोहा लेने पर हत्या कर दी। पुलिस मुख्य आरोपी जावेद पर रासुका की कार्रवाई कर रही है।
सूत्रों की मानें तो दारोगा और बदमाश जावेद के बीच संघर्ष हुआ था। इसी दौरान दारोगा की पिस्टल हाथ से छीन कर उसने गर्दन में सामने से गोली मार दी थी। बदमाश जावेद, तोता, गुलफाम, औरंगजेब और वसीम ने शव को कमरे में एक किनारे लगा कर फिर से मोर्चा संभाल लिया था। जबकि पुलिस भाग खड़ी हुई थी और कुछ देर बाद बड़ी संख्या में फोर्स आई तो दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई। 30 राउंड से अधिक फायरिंग में गोली के छर्रे बदमाश औरंगजेब को लगे थे। इस दौरान पुलिस को चकमा देकर जावेद बाकी साथियों के साथ फरार हो गया। उसने भागने से पहले दारोगा की सरकारी नाइन एमएम की पिस्टल बाइक के नीचे रख दी थी।
पुलिस की चार टीमें जावेद को दबोचने के लिए दबिश दे रही हैं। गिरफ्तारी न होने पर अदालत से कुर्की के आदेश लिए जाएंगे। दादरी की नई आबादी में बने जावेद के मकान में इस वक्त कोई नहीं रह रहा है। एसपी देहात अभिषेक यादव ने कहा कि मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता कि दारोगा की पिस्टल से ही उसको गोली मारी गई है। हां पिस्टल से कारतूस गायब हैं,
पुलिसकर्मियों पर दर्ज कराएंगे रिपोर्ट
पिता बाबू खान का कहना है कि हम पुलिस की कार्रवाई से बिल्कुल भी इत्तेफाक नहीं रखते। पहले भी कह चुका और फिर कह रहा हूं है कि मेरे बेटे अख्तर खान की हत्या पुलिस की मिलीभगत से हुई है। 24 घंटे में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर उन भगौड़े पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे, जो दबिश के दौरान अख्तर के साथ थे। पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज करेगी तो मुख्यमंत्री से मिलकर रिपोर्ट दर्ज करने और सीबीआइ जांच की मांग करेंगे। दारोगा के भाई सगीर ने कहा कि पुलिसकर्मियों की लगातार बदलते बयान शक को यकीन में तब्दील कर रही है ।
