सीएम की दो टूक, किसी भी सूरत में नहीं बदलेगा शिमला का नाम
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विश्व हिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से हिमाचल में अंग्रेजों के नाम से चल रहे पार्क और शहरों के नामों को बदलने का मामला उठाया है। विहिप के प्रदेशाध्यक्ष अमनपुरी ने शिमला का नाम मां श्यामला, पीटरहॉफ का नाम महर्षि वाल्मीकि सदन, डलहौजी का नाम नेता जी सुभाष चंद्र बोस और नूरपुर का नाम 1857 की क्रांति के पहले नायक वीर राम सिंह पठानिया के नाम पर रखे जाने की मांग की।
उन्होंने सीएम से राजनीति से ऊपर उठकर इन सब गुलामी के प्रतीक चिन्हों का नाम बदल कर अपने पूर्वजों व देवी देवताओं के नाम पर रखे जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गुलामी के चिन्हों को हटा दिया गया था। मिंटो ब्रिज का नाम शिवाजी ब्रिज, विक्टोरिया पार्क का नाम भामाशाह/महात्मा गांधी रख दिया गया था।
इधर, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला का नाम किसी भी सूरत पर नहीं बदला जाएगा। शिमला से ही हिमाचल की पहचान है। देश दुनिया के लोग हिमाचल को शिमला के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य चार क्षेत्रों के नामों को बदले जाने पर प्रदेश सरकार विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह बात विहिप सदस्यों की ओर से उठाए गए मामले के दौरान कही।
उन्होंने सीएम से राजनीति से ऊपर उठकर इन सब गुलामी के प्रतीक चिन्हों का नाम बदल कर अपने पूर्वजों व देवी देवताओं के नाम पर रखे जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गुलामी के चिन्हों को हटा दिया गया था। मिंटो ब्रिज का नाम शिवाजी ब्रिज, विक्टोरिया पार्क का नाम भामाशाह/महात्मा गांधी रख दिया गया था।
इधर, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला का नाम किसी भी सूरत पर नहीं बदला जाएगा। शिमला से ही हिमाचल की पहचान है। देश दुनिया के लोग हिमाचल को शिमला के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य चार क्षेत्रों के नामों को बदले जाने पर प्रदेश सरकार विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह बात विहिप सदस्यों की ओर से उठाए गए मामले के दौरान कही।

