दो सौ से अधिक सह-योग प्रशिक्षक को दिया गया प्रमाण पत्र
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जौनपुर। जीवन की सबसे बड़ी जैविक सम्पदा स्वास्थ्य है और योगाभ्यास के क्रियात्मक व सैद्धांतिक अभ्यासों का नियमित एवं निरन्तर यथाशक्ति धीरे-धीरे अभ्यास करके इसे प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही आज के आधुनिक जीवन शैली में एक योग प्रशिक्षक कुछ समय दुसरों को देकर सेवा के साथ जीविकोपार्जन का सुनहरा मौका प्राप्त कर सकता है। उक्त बातें पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में टीडी इण्टर कालेज में आयोजित 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षणोपरान्त 200 से अधिक कुशल साधकों को सह-योग शिक्षक के प्रमाण पत्रों को वितरित करते हुये मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव ने कही। इसी क्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डा. ब्रजेश यदुवंशी ने कहा कि आज भारत की प्राचीनतम विद्या योग न केवल अपने देश में, बल्कि अन्य देशों में भी लोग अपने दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य के साथ आध्यात्मिकता को उच्चतम शिखर तक पहुंचा रहे है। प्रान्तीय प्रभारी सुरेन्द्र योगी द्वारा योग को एक महा अभियान की तरह जन-जन तक पहुंचाकर लोगों को स्वास्थ्य के साथ आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिये नव साधकों को संकल्पित किया। इसी तरह प्रो. वीडी शर्मा द्वारा पतंजलि योगपीठ द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों के लिये 1 लाख रुपये की धनराशि भेंट किया गया। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के प्रभारी शशिभूषण यादव, प्रधानाचार्य डा. शंकराचार्य तिवारी, सम्पादक रामजी जायसवाल, कर्नल हरप्रीत सिंह, कृष्ण मुरारी आर्य, शम्भूनाथ योगी, लालजी यादव, राम सहाय, डा. हेमंत, डा. ध्रुवराज, लाल बहादुर योगी, संजय श्रीवास्तव, ममता भट्ट, डा. चन्द्रसेन योगी, राजेश योगी, रविन्द्र कुमार, सिकन्दर, जगदीश, विपिन गुप्ता, सौरभ, शैलेश, संतोष, मदन मोहन भट्ट के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे। अन्त में जिला प्रभारी अचल हरिमूर्ति द्वारा अपने आगंतुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुये ज्यादा से ज्यादा योग कक्षाओं को संचालित करने के लिये नये योग शिक्षकों से अपील किया।
